सारंगढ़-बिलाईगढ़। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच आंखों की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। जिला कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एफ. आर. निराला ने जनहित में एडवायजरी जारी कर नागरिकों को आंखों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।
डॉ. निराला के अनुसार, गर्मी के मौसम में धूप, धूल, पसीना और बैक्टीरिया के कारण आंखों में संक्रमण तेजी से फैलता है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
प्रमुख बीमारियां और उनके लक्षण:
स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी में होने वाली मुख्य बीमारियों और उनके लक्षणों को रेखांकित किया है:
1. कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू): इसमें आंखें लाल होना, पानी आना, चिपचिपा कीचड़ और जलन की समस्या होती है। यह वायरस और बैक्टीरिया के कारण तेजी से फैलता है।
2. ड्राई आई (आंखों का सूखापन): लू और एसी की सीधी हवा से आंखों में चुभन और किरकिराहट महसूस होती है। अधिक सूखापन आंखों को अंदरूनी नुकसान पहुंचा सकता है।
3. स्टाई (गुहेरी): पसीने और धूल के कारण पलकों के रोमछिद्र बंद होने से दर्दनाक फुंसी हो जाती है।
4. एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस: धूल और पराग कणों के कारण आंखों में तेज खुजली और लालिमा आती है।
5. सोलर रेटिनोपैथी: बिना सुरक्षा के सीधे सूरज को देखने से यूवी किरणों के कारण दृष्टि धुंधली हो सकती है और रंगों को पहचानने में दिक्कत आ सकती है।
बचाव के लिए जरूरी सुझाव:
स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय साझा किए हैं:
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो तो सिर पर गमछा बांधें और पानी साथ रखें।
बाहर निकलते समय यूवी प्रोटेक्शन वाला रंगीन चश्मा जरूर पहनें।
बार-बार हाथ धोएं, गंदे हाथों से आंखों को न छुएं और अपना तौलिया या रुमाल किसी के साथ साझा न करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर और आंखों में नमी बनी रहे।
दिन में दो से तीन बार ठंडे और साफ पानी से आंखें धोएं।
यदि आप लेंस लगाते हैं, तो रात को इसे निकालकर ही सोएं।
तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
यदि आंखें बहुत ज्यादा लाल हो जाएं, पीला या हरा कीचड़ आने लगे, रोशनी बर्दाश्त न हो या धुंधला दिखाई देने लगे, तो तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी आई ड्रॉप का उपयोग न करें।