
रिपोर्टर टेकराम कोसले
बसना | संवाददाता
क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बसना कृषि उपज मंडी में वर्षों बाद रबी धान खरीदी की प्रक्रिया फिर से शुरू होने जा रही है। मंडी प्रशासन द्वारा सोमवार 11 मई 2026 से खुली बोली के माध्यम से धान खरीदी प्रारंभ करने के निर्णय के बाद किसानों में खुशी और उत्साह का माहौल है। किसानों का मानना है कि इस व्यवस्था से उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने के साथ सुरक्षित और पारदर्शी भुगतान भी सुनिश्चित होगा।
कई वर्षों से बंद थी खुली बोली व्यवस्था
जानकारी के अनुसार पिछले कई वर्षों से बसना मंडी परिसर में रबी धान की नियमित खरीदी नहीं हो रही थी। ऐसे में किसान मजबूरी में निजी व्यापारियों को 1400 से 1600 रुपए प्रति क्विंटल की कम दर पर धान बेचने को विवश थे। प्रतिस्पर्धा नहीं होने के कारण किसानों को लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा था, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
किसानों ने मंडी पहुंचकर उठाई मांग
इसी समस्या को लेकर शनिवार 09 मई 2026 को बड़ी संख्या में किसान मंडी परिसर पहुंचे और अधिकारियों को आवेदन सौंपकर तत्काल रबी धान खरीदी शुरू कराने की मांग की। किसानों ने शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुरूप खरीदी सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि खुली बोली शुरू होने से उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा।
11 मई से खुलेगी खरीदी प्रक्रिया
किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए मंडी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने चर्चा के बाद सोमवार 11 मई से खुली बोली के माध्यम से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने किसानों से अधिक से अधिक मात्रा में मंडी में धान लाने की अपील भी की है।
मंडी प्रशासन ने बताया कि अब तक केवल सौदा पत्रक के माध्यम से धान खरीदी की जा रही थी, जबकि खुली बोली व्यवस्था बंद थी। इसके कारण किसानों को कई बार भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अधिकारियों ने किसानों को निजी सौदों से बचते हुए मंडी के माध्यम से ही उपज बेचने की सलाह दी, ताकि भुगतान सुरक्षित एवं पारदर्शी तरीके से मिल सके।
किसानों ने जताई खुशी
किसान उग्रसेन साखरे सहित दर्जनों किसानों ने मंडी प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया। किसानों का कहना है कि वर्षों बाद मंडी परिसर में रबी धान खरीदी शुरू होना किसानों के हित में बड़ा कदम साबित होगा। किसानों ने उम्मीद जताई कि खुली बोली शुरू होने से उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
बड़ी संख्या में किसान रहे उपस्थित
इस दौरान प्रमुख रूप से उग्रसेन साखरे, केशव साव, मिनकेतन, धर्मानंद, सोनसाय, पुरणोंनंद, भुवनेश्वर, मुकुंद, निर्मल, चित्रसेन, सुखराम, संतोष, छवि, छात्रपाल, लोकनाथ, उदे राम, धनेश्वर, दिगंबर, रामनाथ, प्रीतम, जागेश्वर, चक्रधर, भूषण सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।