
रायपुर। सड्डू स्थित अविनाश कैपिटल फेस-2 प्लॉट आवासीय सहकारी समिति मर्यादित के चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समिति के कई सदस्यों ने नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त, छत्तीसगढ़ को शिकायत सौंपकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं में डॉ. संगीता, डिम्पी वर्मा, हेमलता नेगी, कविता पटेल, आनंदिता केशरी, टी.एस. सैनी, कमल, रवि वर्मा, कैलाश शर्मा, लोकेश शर्मा एवं अभिषेक सिंह शामिल हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2 जून को आयोजित नामांकन प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और कुछ उम्मीदवारों को विशेष लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार नामांकन प्रक्रिया के लिए सीमित समय निर्धारित किया गया, जिसके भीतर बड़ी संख्या में नामांकन पत्र स्वीकार किए गए। उनका कहना है कि इतनी कम अवधि में पूरी प्रक्रिया संपन्न होना कई सवाल खड़े करता है। साथ ही कुछ नामांकन पत्र निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी स्वीकार किए जाने का आरोप लगाया गया है।
मामले को लेकर नामांकन सूची में कटिंग और ओवरराइटिंग को भी विवाद का कारण बताया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रारंभिक प्रविष्टियों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं था, जबकि बाद में दर्ज नामों और श्रेणियों में सुधार और काट-छांट दिखाई दी, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह उत्पन्न हुआ है।
शिकायत में रिटर्निंग अधिकारी की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। सदस्यों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान लिए गए कुछ निर्णयों से एक विशेष पैनल को लाभ पहुंचाने की कोशिश दिखाई देती है। उनका कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मामले की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
शिकायतकर्ताओं ने राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त से नामांकन प्रक्रिया को निरस्त करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनः नामांकन एवं चुनाव कराने की मांग की है।
फिलहाल मामले में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त के निर्णय पर टिकी हुई हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।