कसडोल। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज विकासखंड इकाई कसडोल एवं सतनामी कर्मचारी कल्याण समिति कसडोल के संयुक्त तत्वावधान में श्री पी.आर. पुरैना के सेवानिवृत्ति अवसर पर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, कसडोल परिसर में किया गया।
कार्यक्रम में प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कन्या छात्रावास तथा पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास के छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, समाज प्रमुखों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने समारोह को भव्य और यादगार बना दिया।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त हो रहे श्री पी.आर. पुरैना ने छात्र-छात्राओं को कॉपी एवं पेन वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। वहीं उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों का महत्व बताते हुए जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं अतिथियों द्वारा श्री पुरैना का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के अध्यक्ष चंद्रशेखर सांडे, मोहन पुरैना, नकुल बांधे, मनीराम डहरिया, दिनेश चेलक, वीरेंद्र कुमार चेलक, सुनील कुमार चेलक, मिथलेश घृतलहरे, पी.के. घृतलहरे, पन्नालाल टंडन, अशोक टंडन, नरेंद्र मनहर, चैतराम टंडन, डॉ. सुरेंद्र कुमार दिव्याकर, मूलचंद घृतलहरे, इंद्र कुमार बघेल, मोतीलाल बंजारे, प्रहलाद केवट, प्रदीप केवट, देवेंद्र टंडन, सुमन लाल सांडे, अधीक्षक हरिराम बंजारे, सुनीता कोसले, लता सोनवानी, केशव सोनी, हेतराम चेलक, झाड़ूराम बारले, श्याम भाई टंडन, किशन टंडन, रजनी टंडन, जामुन चेलक, मीना बाई पुरैना, क्रांति खुटे, ईश्वरी खुटे, मोहन बंजारे, जोशी जी, दिनेश कठौतिया, रामसागर कोसले, गुहाराम घृतलहरे, गरिमा चेलक, ऐश्वर्या चेलक, अजित चेलक, अभिषेक चेलक, वियान घृतलहरे सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
छात्रावास के छात्र मनोज कुमार, ईश्वर कुमार, ध्रुव, मोहनलाल ठाकुर, संदीप टंडन, डेविड पटेल, नागेश दास, निर्मल एवं सुमित सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ भी समारोह में शामिल हुए। छात्रावास अधीक्षक सुमन सांडे एवं समस्त छात्रावास परिवार की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं आकर्षक मंच संचालन विनोद कुमार चेलक ने किया, जिसकी उपस्थित सभी लोगों ने प्रशंसा की। अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए समारोह का समापन किया गया। यह आयोजन सामाजिक एकता, शिक्षा के प्रति समर्पण एवं वरिष्ठजनों के सम्मान का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।