समग्र ब्राह्मण मातृशक्ति परिषद्, बिलासपुर द्वारा रुद्राभिषेक पूजन संपन्न, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि के लिए हुई मंगलकामना.

SARJU PRASAD SAHU

August 2, 2026

 

बिलासपुर। समग्र ब्राह्मण मातृशक्ति परिषद्, बिलासपुर के तत्वावधान में रविवार को सरकंडा स्थित पाम इनक्लेव में श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप भव्य रुद्राभिषेक पूजन का आयोजन किया गया। भगवान भोलेनाथ के विधि-विधान से अभिषेक के साथ विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति, समाज में एकता, परिवारों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की मंगलकामना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रसूक्त के पाठ और शिव स्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

परिषद् की जिलाध्यक्ष रमा दीवान ने बताया कि आयोजन में यजमान प्रतिनिधि के रूप में विभा पांडेय एवं विनोद पांडेय ने श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन किया। संपूर्ण रुद्राभिषेक अनुष्ठान विद्वान आचार्य पं. अनिल मिश्रा के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस दौरान भगवान शिव का दुग्ध, दही, घृत, मधु, गंगाजल, पंचामृत एवं अन्य पूजन सामग्रियों से अभिषेक किया गया।

परिषद् की प्रमुख सलाहकार शशि द्विवेदी और प्रदेश सचिव मनीषा शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में मातृशक्ति की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक समरसता, संगठन की एकजुटता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी दिया गया। परिषद् की सहयोगियों ने पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संभालते हुए सेवा और संगठन क्षमता का परिचय दिया।

रुद्राभिषेक के बाद भगवान शिव की महाआरती हुई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से सहभागिता निभाई। “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से समाज में सद्भाव, पारिवारिक सौहार्द, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के विस्तार की प्रार्थना की। साथ ही राष्ट्र की प्रगति, प्राकृतिक संतुलन और समस्त मानवता के कल्याण की भी कामना की गई।

प्रदेश उपाध्यक्ष सरोज तिवारी ने कहा कि परिषद् समय-समय पर धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना, पारस्परिक सहयोग और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का कार्य कर रही है। परिषद् का उद्देश्य मातृशक्ति को संगठित कर सेवा, संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व और सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता का विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि धर्म केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला सचिव अंजू शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही ऐसे धार्मिक आयोजन सफल होते हैं और परिषद् भविष्य में भी इसी प्रकार धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज को संगठित और जागरूक करने का कार्य निरंतर करती रहेगी।

इस अवसर पर माया दुबे, सरिता तिवारी, किरण शर्मा, सीमा शर्मा, प्रीति पांडेय, प्रियंका दुबे, कुसुम दुबे, पुष्पा दुबे, वंदना शर्मा, मीना पांडेय, अलका पांडेय, इंदु दीवान, प्रतिमा शर्मा, शिवानी मिश्रा, नंदिनी तिवारी, इंद्राणी दुबे, विजयलक्ष्मी पाठक, चंद्रकांता गौरहा, मीना तिवारी, रेखा दुबे, रमा देवी दुबे, तारा देवी दुबे, मनोरमा शर्मा और निक्की पांडेय सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी के सहयोग से आयोजन गरिमामय, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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