नवागढ़: ग्राम पंचायत ठाकुरदिया में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप, जनपद सीईओ को सौंपा शिकायत पत्र

SARJU PRASAD SAHU

July 22, 2026

जांजगीर-चांपा। जनपद पंचायत नवागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत ठाकुरदिया में प्रशासनिक गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं। एक स्थानीय नागरिक अमित कुमार ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जनपद पंचायत नवागढ़ को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें शासकीय तालाब से मिट्टी की अवैध निकासी व बिक्री सहित चार प्रमुख मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 15वें वित्त आयोग योजना के तहत ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायतकर्ता ने इस योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों के बिल-वाउचर, माप पुस्तिका, तकनीकी स्वीकृति और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच के साथ-साथ कार्य स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।

इसके साथ ही, ग्राम के बांधा तालाब से बिना किसी सक्षम प्रशासनिक अनुमति के लगभग 2000 ट्रिप मिट्टी निकालकर उसे निजी उपयोग एवं बिक्री किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे शासकीय संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में पंचायत संचालन में अनियमितता का भी मुद्दा उठाया गया है। आरोप है कि निर्वाचित सरपंच फिरतीन बाई साहू पंचायत की नियमित बैठकों में अक्सर अनुपस्थित रहती हैं और अधिकांश पंचायत कार्य उनके पुत्र राम कृपाल साहू द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पंचायत संचालन के नियमों के उल्लंघन की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।

इसके अलावा, शिकायत में ग्राम पंचायत के सरगबूंदिया तालाब, कंगार तालाब और बड़े तालाब को बिना पंचायत का प्रस्ताव पारित किए और बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए कथित तौर पर कुछ व्यक्तियों को मछली पालन के लिए ठेके पर दे दिए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इन तालाबों के अवैध ठेकों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

अमित कुमार ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि शिकायतों की जांच के लिए एक सक्षम जांच दल का गठन किया जाए। साथ ही पंचायत के सभी संबंधित अभिलेखों की जांच, स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन कराया जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायत सौंपे जाने के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और शासकीय संपत्तियों के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाना है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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