गरियाबंद :- गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत डुमरबाहरा में कोटवार नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चयन को निरस्त कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम निवासी कृष्ण कुमार (पिता रन सिंह) के परिवार ने पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में नि:शुल्क रूप से कोटवार का कार्य करते हुए अपनी सेवाएं दीं। उनकी सेवाओं को देखते हुए ग्राम पंचायत ने विधिवत प्रस्ताव पारित कर कोटवार पद पर उनके नाम की अनुशंसा की थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के प्रस्ताव की अनदेखी करते हुए प्रशासन ने दुरपत सोनवानी को कोटवार पद पर नियुक्त कर दिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियुक्ति पूरी तरह मेरिट (प्रतिशत) के आधार पर की जाती, तो किशन सिक्का का चयन होना चाहिए था।
इस मामले में ग्राम पंचायत एवं पीड़ित पक्ष ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), गरियाबंद को आवेदन सौंपकर नियुक्ति को निरस्त करने, निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमानुसार पुनः नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। पंचायत का आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पंचायत के प्रस्ताव एवं नियमों के अनुरूप पात्र व्यक्ति को न्याय दिलाया जाए।
मामले में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गरियाबंद हितेश्वरी बाघे से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। फोन रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया।