नौकरी का झांसा देकर सरपंच और जनपद सदस्य पर गैंगरेप का आरोप, पीड़िता ने एसपी से लगाई गुहार
बलौदाबाजार/कसडोल। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जनप्रतिनिधियों पर नौकरी दिलाने के नाम पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने का गंभीर आरोप लगा है। ग्राम पंचायत कटगी के सरपंच और एक जनपद पंचायत सदस्य (BDC) पर एक महिला ने दो अलग-अलग मौकों पर दरिंदगी करने और लगातार जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का दावा है कि स्थानीय थाने में सुनवाई न होने के कारण अब उसने बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है और न्याय व सुरक्षा की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए लिखित आवेदन के अनुसार, पीड़िता वर्तमान में कटगी क्षेत्र की निवासी है। शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
- नौकरी का झांसा: ग्राम पंचायत कटगी के वर्तमान सरपंच जयसिंह पैकरा और बीडीसी सदस्य अंजीव जायसवाल ने महिला को पंचायत में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाया।
- पहली घटना (1 जनवरी 2026): नए साल के पहले दिन आरोपियों ने महिला को किसी बड़े अधिकारी से मिलाने के बहाने अपनी कार में बिठाया। इसके बाद उसे कटगी क्षेत्र के ही एक सुनसान इलाके में ले जाकर दोनों ने उसकी मर्जी के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद दोबारा नौकरी का लालच देकर उसे चुप रहने को कहा गया।
- दूसरी घटना (14 जून 2026): पीड़िता का आरोप है कि 14 जून को नौकरी पक्की होने की बात कहकर उसे फिर बुलाया गया और एक अन्य सुनसान स्थान पर ले जाकर दोबारा दरिंदगी की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पीड़िता ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आवेदन के अनुसार, वह 24 जून 2026 को अपने परिजनों के साथ कसडोल थाने न्याय की उम्मीद में पहुंची थी। वहां पुलिस ने उससे कई घंटों तक पूछताछ तो की, लेकिन उसकी शिकायत पर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की और न ही शिकायत की कोई पावती (Receipt) दी।
पीड़िता ने एसपी से की ये प्रमुख मांगें:
- दोनों रसूखदार आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
- पीड़िता और उसके परिवार को जान-माल की सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
- पीड़िता का अविलंब चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) कराया जाए।
- मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और थाना स्तर पर हुई लापरवाही की जांच हो।
क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर इतने गंभीर आरोप लगने के बाद से पूरे कसडोल और कटगी इलाके में भारी आक्रोश और चर्चा का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महिला सुरक्षा के दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों पर इस तरह के आरोप लगना बेहद चिंताजनक है।
नोट: यह समाचार पूरी तरह से पीड़िता द्वारा उच्चाधिकारियों को सौंपे गए लिखित आवेदन पर आधारित है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय या संबंधित थाने की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस का पक्ष आते ही उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।