खबर का असर: टूटी सड़क की मरम्मत शुरू, गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल

SARJU SAHU

August 10, 2026

कोरबा के पाली विकासखंड में मुड़ापार-कोरबी सड़क की खबर प्रकाशित होने के बाद मरम्मत शुरू हुई, लेकिन सड़क के कई हिस्सों के टूटने और उखड़ने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने तकनीकी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।

कोरबा। पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत मुड़ापार और कोरबी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर 16 जुलाई को प्रकाशित खबर का असर सामने आया है। खबर प्रकाशित होने के बाद अब संबंधित सड़क पर रिपेयरिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि, मरम्मत कार्य शुरू होते ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

एक तरफ मरम्मत, दूसरी तरफ टूट रही सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के कुछ हिस्सों में मरम्मत का काम किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर सड़क के कई स्थानों पर डामर उखड़ने और सड़क टूटने की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद मरम्मत की जरूरत पड़ रही है और मरम्मत के दौरान भी सड़क के अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, तो निर्माण की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच जरूरी है।

करोड़ों की लागत से बनी सड़क पर सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी किए जाने के कारण करोड़ों रुपये की सरकारी लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में खराब होने लगी। सड़क की वर्तमान स्थिति से विभागीय निगरानी व्यवस्था और संबंधित निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सड़क की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्माण की मोटाई, गुणवत्ता और कार्य की तकनीकी मानकों के अनुरूप जांच की जानी चाहिए। साथ ही यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।

खबर प्रकाशित होने के बाद सड़क की मरम्मत शुरू होना राहत की बात है, लेकिन ग्रामीणों की चिंता अब सड़क की स्थायी गुणवत्ता को लेकर है। एक ओर रिपेयरिंग और दूसरी ओर सड़क के टूटने की स्थिति को देखते हुए मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच जरूरी है। इससे न केवल सड़क की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी, बल्कि सरकारी धन के सदुपयोग और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

संपादक { विज्ञापन‍ }

Share this content:

Leave a Comment