पलारी, 27 अप्रैल।
सोमवार की प्रचंड दोपहरी में पलारी तहसील एवं एसडीएम कार्यालय क्षेत्र उस समय आस्था, जनसरोकार और सांस्कृतिक चेतना के विराट केंद्र में बदल गया, जब गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत महिला, बुजुर्ग, बच्चे, संत-महात्मा, गायत्री परिवार के सदस्य, गो सेवक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मांदर की पारंपरिक धुन, भजन-कीर्तन और “जय गो माता” के गगनभेदी नारों के साथ विशाल जनसमूह के रूप में पहुंचे। भीषण गर्मी के बावजूद उमड़ी भारी भीड़ ने गोवंश संरक्षण को लेकर व्यापक जनभावना का सशक्त प्रदर्शन किया।
तहसील कार्यालय परिसर घंटों तक मांदर की थाप, भक्ति गीतों और गो संरक्षण के नारों से गूंजता रहा। “जय गो माता”, “जय श्रीराम”, “गोवंश बचाओ”, “गो हत्या बंद करो” जैसे नारों ने माहौल को पूरी तरह आंदोलनकारी और श्रद्धामय बना दिया। महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी, बुजुर्गों का संकल्प, बच्चों का उत्साह और संत समाज की उपस्थिति ने आयोजन को जनआस्था के साथ सामाजिक दबाव का बड़ा स्वरूप दिया।
अभियान के तहत राष्ट्रपति महोदया, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित शीर्ष नेतृत्व के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे गए, जिनमें देशी गोवंश की सुरक्षा, संवर्धन और गो आधारित अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर प्राथमिकता देने की मांग की गई। ज्ञापन में देशी गोवंश को “राज्य माता” घोषित करने, “राष्ट्रमाता” सम्मान हेतु पहल, गौ तस्करी एवं गोवध पर कठोर कानून, पंचायत स्तर पर नंदीशाला, जिला स्तर पर गोशाला, गोचर भूमि संरक्षण, जैविक खेती और पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख बिंदु शामिल रहे।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
* राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री स्तर पर गो संरक्षण हेतु राष्ट्रीय पहल
* देशी गोवंश को “राज्य माता” घोषित किया जाए
* “राष्ट्रमाता” सम्मान हेतु संवैधानिक पहल हो
* गौ तस्करी एवं गोवध पर कठोर दंडात्मक कानून लागू हो
* प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला की स्थापना
* जिला स्तर पर आदर्श गोशाला निर्माण
* गोचर भूमि एवं चारा सुरक्षा कानून
* गो आधारित अर्थव्यवस्था और जैविक कृषि को बढ़ावा