
भाटापारा (बलौदाबाजार)।
किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर खाद के नाम पर चल रहे काले कारोबार पर कृषि विभाग ने बड़ी बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।
उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक खुद किसान बनकर भाटापारा के एक कृषि सेवा केंद्र पहुंचे और वहीं से शुरू हुआ उस गड़बड़ी का खुलासा, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
जांच में पाया गया कि डीएपी खाद, जिसकी सरकारी दर ₹1350 प्रति बोरी तय है, उसे खुलेआम ₹2700 प्रति बोरी में बेचा जा रहा था। यानी किसानों से सीधा दोगुना दाम वसूला जा रहा था और ग्राहकों को बिल तक नहीं दिया जा रहा था। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि न तो जरूरी दस्तावेजों का पालन हो रहा था और न ही पीओएस (POS) मशीन के स्टॉक रिकॉर्ड में पारदर्शिता थी। रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां मिलने के बाद पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में आ गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षण दल ने मौके पर ही बबला कृषि केंद्र को सील कर दिया और करीब ₹11.09 लाख मूल्य की 47 बोरी (47.84 मीट्रिक टन) खाद जब्त कर ली। कार्रवाई के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और अन्य कृषि केंद्रों में भी स्टॉक और रिकॉर्ड दुरुस्त करने की हड़बड़ी देखी जा रही हैं ,जहां भी किसानों को किसी प्रकार की परेशानी, अधिक मूल्य वसूली या अनियमितता दिखाई दे, वे तुरंत संबंधित कृषि अधिकारियों से संपर्क करें और शिकायत दर्ज कराएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।