पामगढ़। ब्लॉक मुख्यालय पामगढ़ का लोक सेवा केंद्र इन दिनों आम नागरिकों की परेशानी का कारण बना हुआ है। राज्य शासन द्वारा नागरिकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन पामगढ़ में इसका अपेक्षित लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, कई आवेदन महीनों से लंबित पड़े हैं और उनका समय पर निराकरण नहीं हो रहा है। नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही स्कूल एवं कॉलेजों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने से छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को रोजाना लोक सेवा केंद्र और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पामगढ़ के तहसीलदार अवकाश पर हैं। ऐसे में डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है, जिससे आवेदनों का लंबा बैकलॉग बन गया है।
सबसे अधिक चिंता उन विद्यार्थियों की है जो जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करना चाहते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है और आवेदन के लिए अस्थायी जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यदि समय रहते प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए तो अनेक पात्र छात्र आवेदन करने से वंचित रह जाएंगे, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रतिदिन दर्जनों लोग पामगढ़ तहसील कार्यालय और लोक सेवा केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर राहत नहीं मिल रही। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब शासन ने नागरिक सुविधाओं के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की है, तो उसका लाभ जमीनी स्तर पर क्यों नहीं मिल पा रहा है?
अब आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित अधिकारी तत्काल लंबित आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें तथा वैकल्पिक व्यवस्था कर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं, ताकि किसी भी व्यक्ति को केवल प्रशासनिक कारणों से अपने अधिकारों और अवसरों से वंचित न होना पड़े।
