रोज 5 से 10 कार्यक्रमों में शामिल हो रहे जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान, जनसेवा का जुनून बना चर्चा का विषय

SARJU PRASAD SAHU

May 12, 2026

महासमुंद/बसना। बसना विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस नेता मोक्ष कुमार प्रधान की लगातार बढ़ती जनसक्रियता इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सुबह से देर रात तक गांव-गांव पहुंचकर सामाजिक, धार्मिक एवं जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होना उनकी पहचान बनती जा रही है। क्षेत्र के लोग अब उन्हें केवल जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले जनसेवक के रूप में देखने लगे हैं।

जनसेवा के प्रति समर्पण और जनता के बीच लगातार उपस्थिति ने मोक्ष कुमार प्रधान की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी है। खासकर युवाओं एवं महिलाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान, सामाजिक कार्यक्रम, पारिवारिक आयोजनों तथा जनसमस्याओं के निराकरण में उनकी सक्रिय भागीदारी लोगों को प्रभावित कर रही है।

12 मई 2026 को भी उनका पूरा दिन जनसेवा और सामाजिक सहभागिता को समर्पित रहा। सुबह 10 बजे गृह ग्राम झगरेंडीह में दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने परसकोल, जातापारा (सिंघनपुर), पलसापाली एवं माटीदरहा पहुंचकर अष्ट प्रहरी नाम संकीर्तन महायज्ञ में सहभागिता निभाई। लगातार एक के बाद एक कार्यक्रमों में पहुंचकर उन्होंने यह संदेश दिया कि जनता से जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि मोक्ष कुमार प्रधान हर वर्ग के लोगों के साथ आत्मीय संबंध रखते हैं। चाहे गरीब परिवार का दुख हो या किसी गांव का धार्मिक आयोजन, हर जगह उनकी उपस्थिति देखने को मिलती है। यही कारण है कि कम समय में वे बसना विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधियों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं।

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि जनसेवा उनके लिए राजनीति नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प है। लोगों के सुख-दुख में शामिल रहना ही उनका धर्म और कर्म है।

बसना विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रियता, सरल व्यवहार और जनता के बीच मजबूत पकड़ के कारण मोक्ष कुमार प्रधान का राजनीतिक प्रभाव भी तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। गांव-गांव में लोग उनके कार्यों की सराहना कर रहे हैं और युवा वर्ग उन्हें संघर्षशील एवं जमीन से जुड़े नेता के रूप में देख रहा है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

Share this content:

Leave a Comment