कोरबा/पाली। 5 जुलाई 2026 नकटी गांव में हुई विवादित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाली ने रविवार को भव्य विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर तुगलकी कदम को निंदनीय बताया। आयोजन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार बुलाया गया था जिसमें सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान और प्रदेश कांग्रेस सचिव नवीन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कहा कि नकटी में हुई बुलडोजर कार्रवाई को बिना पुख्ता कानूनी प्रक्रिया और वैकल्पिक व्यवस्था के अंजाम दिया गया, जिससे संवेदनशील ग्रामीण परिवारों के साथ अन्याय हुआ है। चौहान ने स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, सरकार ने संवेदनशील मुद्दों पर ठोस संवाद और वैकल्पिक समाधान की बजाय बल का प्रयोग चुना। इससे केवल लोगों के घरों व आजीविका को नहीं बल्कि समाज में भय का माहौल भी पैदा हुआ है।
नेता-कार्यकर्ताओं की नाराबीजी कार्यक्रम के दौरान मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और कार्रवाई को ‘जनविरोधी’ तथा ‘अयाचित तथा गैरकानूनी’ करार दिया। प्रदर्शनकारी हाथों में प्लेकार्ड और पोस्टर लेकर निकले जिन पर लिखे नारे थे — “न्याय दो, बुलडोजर बंद करो”, “विस्थापितों को मुआवजा दो”, “सरकार जवाब दे” इत्यादि। कई वक्ताओं ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत और पुनर्वास की घोषणाएं की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग ब्लॉक अध्यक्ष सत्यनारायण पैकरा, अनिल गुप्ता, अजय सैनी, डी. आदिले, दीपक जायसवाल, श्यामु सलाम, तुषार रॉबिन्सन, समीन पटेल, गिरिजा पैकरा, संतोषी मानिकपुरी, गुलाब सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़े बयान दिए और सरकार से घटनाक्रम पर पुनर्विचार की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रशासन और राज्य सरकार से निम्नलिखित मांगें रखीं:
– नकटी में हुई बुलडोजर कार्रवाई की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराना।
– प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत राहत पैकेज और मुआवजा घोषित करना।
– भविष्य में बिना वार्णिंग या वैकल्पिक व्यवस्था के किसी भी तरह की जबरन निष्कासन-कार्रवाई को रोका जाए।
– स्थानीय लोगों व पंचायतों के साथ समन्वय और चर्चा कर समस्या का समाधान निकाला जाए।
घटना के बाद से नकटी व आस-पास के गांवों में भारी तनाव देखा गया है। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें कार्रवाई से पहले पर्याप्त सूचित नहीं किया और न ही वैकल्पिक आवास की व्यवस्था दी। वहीं प्रशासन की ओर से इस संबंध में किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है; स्थानीय अधिकारी अभी तक घटनाक्रम पर टिप्पणी नहीं कर पाए हैं। यदि अधिकारी जवाब देते हैं तो उसकी जानकारी दी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगामी स्थानीय और राज्य स्तरीय राजनीति में उभरेगा और विपक्ष द्वारा इसे सक्रिय रूप से विपक्षी अभियानों में प्रयोग किया जा सकता है। कांग्रेस ने इसे शासन की जनविरोधी नीतियों का प्रतीक बताया और कहा कि वह प्रभावितों के समर्थन में लगातार आवाज उठाती रहेगी। कांग्रेस के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो उन्होंने भारी जनांदोलन, धरना-प्रदर्शन और राजनैतिक अभियान तेज करने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि वे प्रभावित परिवारों के हक के लिए कानूनी मार्ग भी अपनाएंगे।