घटना के करीब ढाई महीने बाद बागबाहरा पुलिस ने चखना सेंटर में हुई चाकूबाजी के मामले के अंतिम फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बसना/महासमुंद। बागबाहरा थाना क्षेत्र स्थित देसी शराब दुकान के पास संचालित चखना सेंटर में हुई चाकूबाजी के मामले में फरार चल रहे अंतिम आरोपी शिवा मांझी को बागबाहरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी घटना के दिन से लगातार फरार था, जिसकी तलाश पुलिस मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के माध्यम से कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को बागबाहरा देसी शराब दुकान के पास चखना दुकान संचालक मोनेस यादव (21) निवासी विराजपाली एवं उसके साथी छन्नू चक्रधारी का ग्राहक गनपत निषाद के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर गनपत निषाद ने अपने साथियों अर्जुन गोस्वामी, शिवा मांझी, सोनू देवांगन तथा एक नाबालिग को फोन कर मौके पर बुलाया।
बताया गया कि सभी आरोपी धारदार हथियार लेकर चखना सेंटर पहुंचे और मोनेस यादव का पीछा कर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में मोनेस यादव के पेट, पीठ और बाएं हाथ में गंभीर चोटें आई थीं।
घटना के बाद पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर अपराध क्रमांक 74/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 एवं 191(1) के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की। प्रारंभिक कार्रवाई में मुख्य आरोपी गनपत निषाद को गिरफ्तार किया गया था, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई थी।
लगातार तलाश के दौरान पुलिस ने 19 जून 2026 को फरार आरोपी सोनू देवांगन (18) एवं अर्जुन गोस्वामी (20) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।
वहीं, मामले का अंतिम फरार आरोपी शिवा मांझी (21) निवासी वार्ड क्रमांक-5, थानापारा, बागबाहरा को 26 जून 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट बागबाहरा के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
अंतिम आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही बागबाहरा चखना सेंटर चाकूबाजी कांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है।