सोनाखान क्षेत्र में तूफान और बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से की मुआवजे की मांग
सोनाखान। बंगाल की खाड़ी में उठे अर्नब तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में हुई तेज बारिश और खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बलौदाबाजार जिले की सोनाखान तहसील के अधिकांश गांवों में तूफान का व्यापक असर देखने को मिला है। खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित होने से वनांचल क्षेत्र के किसान गहरे संकट में हैं।
किसानों ने दिन-रात मेहनत कर अपनी फसलों को तैयार किया था। अच्छी पैदावार की उम्मीद में उनके चेहरे पर खुशी और भविष्य को लेकर आशा थी, लेकिन अचानक आए तूफान और बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं कर्ज की चिंता और परिवार के भरण-पोषण की समस्या को लेकर किसान परेशान हैं।
इस गंभीर स्थिति पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोनाखान के अध्यक्ष युधिष्ठिर नायक ने चिंता व्यक्त करते हुए तहसीलदार, एसडीएम, जिला कलेक्टर एवं छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री से किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है।
युधिष्ठिर नायक ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। पूरे साल मेहनत कर वे अपनी फसल तैयार करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है। ऐसे कठिन समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों के साथ मजबूती से खड़ी हो।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सोनाखान तहसील सहित प्रभावित वनांचल क्षेत्र के सभी गांवों में तत्काल निष्पक्ष फसल क्षति सर्वे कराया जाए तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार अधिकतम मुआवजा एवं राहत राशि प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस संकट की घड़ी में किसानों का मनोबल बढ़ाना चाहिए, ताकि किसान दोबारा हिम्मत के साथ खेती कर सकें और आम जनता, किसान एवं मजदूरों का शासन-प्रशासन पर विश्वास कायम रहे।
युधिष्ठिर नायक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से परेशान किसानों को राहत दिलाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। किसानों की पीड़ा को समझते हुए शासन को बिना देरी किए उचित मुआवजा देना चाहिए।


