नींद आने से वाहन अनियंत्रित होने की आशंका, चालक घायल; 112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांगा मुआवजा।
मालखरौदा। सक्ती जिले के मालखरौदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमेराडीह में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। राखड़ (फ्लाई ऐश) से लोड तेज रफ्तार हाइवा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक गरीब परिवार के मिट्टी के मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान का सामने वाला हिस्सा पूरी तरह ढह गया। गनीमत रही कि हादसे के समय घर के कमरे में सो रही बुजुर्ग महिला प्रेमबाई सिदार बाल-बाल बच गईं। यदि कमरे की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
दोपहर 1 बजे हुआ हादसा, घर में घुसा हाइवा
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम अमेराडीह निवासी कृष्णो सिदार के घर में दोपहर करीब 1 बजे राखड़ से भरा हाइवा अचानक अनियंत्रित होकर घुस गया। घटना के समय कृष्णो सिदार की मां प्रेमबाई सिदार घर के एक कमरे में सो रही थीं। हाइवा की जोरदार टक्कर से मकान का बाहरी हिस्सा टूटकर जमीन पर बिखर गया। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
चालक को आई सिर में चोट, 112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया
हादसे में हाइवा चालक भी घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक के सिर में गंभीर चोट आई थी। ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि चालक ने ग्रामीणों को नींद आने के कारण वाहन से नियंत्रण खोने की बात बताई है। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
गरीब परिवार का आशियाना उजड़ा, मुआवजे की मांग
इस हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान कृष्णो सिदार के परिवार को हुआ है। परिवार का मिट्टी से बना मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने अब मकान की मरम्मत और सुरक्षित आशियाने की व्यवस्था करने का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने संबंधित वाहन मालिक से मकान के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से भी मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, ताकि परिवार दोबारा अपना घर बना सके।
मालखरौदा पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही मालखरौदा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस दुर्घटनाग्रस्त हाइवा, चालक तथा हादसे के कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही दुर्घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि गरीब परिवार के टूटे हुए आशियाने की भरपाई कौन करेगा? प्रशासन पीड़ित परिवार को राहत और उचित मुआवजा दिलाने के लिए कब तक पहल करता है, इस पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हुई हैं।


