खाल्हेपारा में सड़क की मोटाई, निर्माण सामग्री और मूल्यांकन प्रक्रिया पर ग्रामीणों ने जताई चिंता; कलेक्टर कुणाल दुदावत से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की अपील
कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत मादन के खाल्हेपारा की ओर निर्माणाधीन सीसी रोड की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर कुणाल दुदावत से शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की है।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माणाधीन सड़क में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और सड़क की निर्धारित मोटाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाले सड़क निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पालन होना आवश्यक है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता और मोटाई की जांच की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सीसी रोड के निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। साथ ही, सड़क की मोटाई निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप है या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी बताई गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तकनीकी अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर सड़क की मोटाई, निर्माण सामग्री और अन्य निर्धारित मानकों की जांच करे, ताकि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
उपअभियंता हेमंत भूषण धारिया की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में संबंधित उपअभियंता हेमंत भूषण धारिया की कार्यप्रणाली को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारी की भूमिका की जांच कराने और निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण करने की मांग की है।
इसके साथ ही माप पुस्तिका (एमबी) में दर्ज विवरणों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में दर्ज माप और मौके पर किए गए वास्तविक निर्माण का मिलान किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय अनियमितता की स्थिति स्पष्ट हो सके।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित अधिकारी और विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी शिकायत
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी असंतोष जताया है। उनका आरोप है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के लिए ग्राम पंचायत को बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है तथा इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
निर्माण स्थल पर सूचना पटल नहीं होने की शिकायत
ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर सूचना पटल नहीं लगाए जाने की शिकायत भी उठाई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहने से आम नागरिकों को कार्य की लागत, स्वीकृति, निर्माण एजेंसी और अन्य जरूरी विवरणों की जानकारी मिल सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से नियमानुसार आवश्यक सूचना प्रदर्शित कराने और निर्माण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत से तत्काल जांच की अपील
मादन के खाल्हेपारा में निर्माणाधीन सीसी रोड को लेकर उठे सवालों के बीच ग्रामीणों ने कलेक्टर कुणाल दुदावत से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उनकी मांग है कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से निष्पक्ष जांच कराई जाए, सड़क की गुणवत्ता और मोटाई की जांच हो, माप पुस्तिका के विवरणों का सत्यापन किया जाए तथा मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है। सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना इस मामले का प्रमुख मुद्दा बन गया है।


