खपरीडीह ग्राम पंचायत में सचिव पर अनियमितता और कथित अवैध वसूली के आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की जांच की मांग

SARJU SAHU

October 5, 2026

 

 

 

 

 

 

 

बलौदाबाजार-भाटापारा।

जनपद पंचायत कसडोल ग्राम पंचायत खपरीडीह, में पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा को लिखित शिकायत सौंपकर पंचायत सचिव के विरुद्ध कथित अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रति जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी प्रेषित किए जाने का उल्लेख पत्र में है।

मकान टैक्स के नाम पर अवैध वसूली का आरोप

शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत खपरीडीह में मकान टैक्स के नाम पर निर्धारित प्रक्रिया से हटकर राशि की वसूली की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मकान टैक्स के रूप में ली जाने वाली राशि को पंचायत के निर्धारित फंड में जमा नहीं किए जाने की शिकायत भी सामने आई है।

मूल्यांकन पत्र और साइन के नाम पर 1,000 से 1,500 रुपये मांगने का आरोप

ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में यह भी कहा गया है कि जनपद पंचायत से संबंधित मूल्यांकन पत्र एवं साइन कराने के नाम पर 1,000 से 1,500 रुपये तक की कथित अवैध वसूली की जा रही है। शिकायत में दावा किया गया है कि राशि नहीं देने पर संबंधित कार्य में सील और साइन नहीं किए जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

आवास शाखा में रिश्वत लेने का वीडियो होने का दावा

शिकायतकर्ताओं ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जनपद पंचायत कसडोल की आवास शाखा में रिश्वत लेते हुए कथित वीडियो उनके पास होने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों ने जताई अप्रिय घटना की आशंका

शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने कहा है कि उक्त कार्यों के कारण ग्रामवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इससे गांव में तनाव की स्थिति बनती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते जांच और उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से ग्राम पंचायत खपरीडीह में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच, संबंधित दस्तावेजों और पंचायत रिकॉर्ड की जांच तथा यदि आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पंचायत सचिव अथवा जनपद पंचायत प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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