शिक्षकों की कमी को लेकर NH-53 पर चक्का जाम, मोक्ष कुमार प्रधान ने दिया समर्थन; प्रशासन ने की एक शिक्षक की व्यवस्था

SARJU SAHU

September 30, 2026

बसना/महासमुंद।

पिथौरा विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल ढोढरकसा में शिक्षकों की कमी को लेकर बुधवार को पालकों, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। आंदोलन की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों की मांग का समर्थन किया।

पालकों और ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण, पालक और छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए और शिक्षकों की व्यवस्था की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

मोक्ष कुमार प्रधान ने दिया समर्थन

धरना स्थल पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने आंदोलनरत पालकों, ग्रामीणों और विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और पर्याप्त शिक्षक मिलना उनका अधिकार है।

उन्होंने प्रशासन से तत्काल शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग करते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति में पालकों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ता है।

अधिकारियों ने पहुंचकर की चर्चा

चक्का जाम की सूचना मिलने के बाद अनुविभागीय अधिकारी पिथौरा, जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार पिथौरा सहित संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलन कर रहे पालकों, ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं से चर्चा की।

प्रशासन की ओर से विद्यालय में एक शिक्षक की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद पालकों और ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर चक्का जाम खत्म कर दिया।

शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि क्षेत्र के गांवों में शिक्षा सहित सड़क, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनता की आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर वे ग्रामीणों और पालकों के साथ खड़े रहेंगे।

ढोढरकसा में शिक्षक की कमी को लेकर हुए चक्का जाम के बाद प्रशासन द्वारा एक शिक्षक की व्यवस्था किए जाने से तत्काल आंदोलन समाप्त हो गया। वहीं, ग्रामीणों ने विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की स्थायी व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार की अपेक्षा जताई है।

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