रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक की त्रैमासिक परीक्षाएं 21 सितंबर से प्रारंभ की गई हैं। उपलब्ध परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं की परीक्षाएं 21 से 26 सितंबर तक निर्धारित हैं।
इसी बीच छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ के प्रांताध्यक्ष विक्रम राय गुरुजी ने विद्यालयों में त्रैमासिक परीक्षा के लिए मुद्रित प्रश्न-पत्र उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए इसे छात्रों और शिक्षकों के हित में गंभीर समस्या बताया है।
विक्रम राय गुरुजी का कहना है कि यदि परीक्षा के लिए निर्धारित प्रश्न-पत्र विद्यालयों को समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो कई स्कूलों में शिक्षकों को ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा कराने जैसी वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इससे परीक्षा के निर्धारित समय का एक हिस्सा प्रश्न लिखने और उतारने में खर्च होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के लिए ब्लैक बोर्ड से प्रश्न उतारना अतिरिक्त कठिनाई पैदा कर सकता है। वहीं एक ही शिक्षक को अलग-अलग कक्षाओं के प्रश्न लिखने पड़ने की स्थिति में परीक्षा संचालन और नियमित शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
“परीक्षा के लिए आवश्यक प्रश्न-पत्र की व्यवस्था समय पर होनी चाहिए”
विक्रम राय गुरुजी ने कहा—
“एक तरफ शासन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करता है, दूसरी तरफ परीक्षा के समय तक प्रश्न-पत्र उपलब्ध नहीं होना चिंता का विषय है। परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक प्रश्न-पत्र की व्यवस्था समय पर होनी चाहिए, ताकि छात्रों और शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।”
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए परीक्षा की व्यवस्था का अतिरिक्त बोझ नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार विद्यालय स्तर पर प्रश्न-पत्र मुद्रण के लिए आवश्यक राशि अथवा मुद्रित प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था स्पष्ट और समयबद्ध होनी चाहिए।
मुख्य समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित
1. ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखने की समस्या:
शिक्षकों को प्रश्न-पत्र उपलब्ध नहीं होने पर ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखने पड़ सकते हैं। इससे परीक्षा के समय का उपयोग प्रभावित हो सकता है।
2. छोटे विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव:
प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को बोर्ड से प्रश्न उतारने में कठिनाई हो सकती है और परीक्षा के लिए उपलब्ध समय का एक हिस्सा इसी में लग सकता है।
3. पालकों में नाराजगी:
विक्रम राय गुरुजी के अनुसार प्रश्न-पत्र मुद्रण की व्यवस्था को लेकर पालकों में भी सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी के अनुरूप आवश्यक संसाधन विद्यालयों को उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
समग्र शिक्षा से तत्काल व्यवस्था की मांग
छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ की ओर से मांग की गई है कि समग्र शिक्षा एवं लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा तत्काल सभी जिलों के DEO/BEO के माध्यम से विद्यालयों में त्रैमासिक परीक्षा के लिए मुद्रित प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराए जाएं।
वैकल्पिक रूप से विद्यालयों को प्रश्न-पत्र मुद्रण के लिए प्रति विद्यार्थी 10 रुपये की दर से राशि SMC के स्कूल खाते में जारी करने की मांग की गई है।
विक्रम राय गुरुजी ने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था नहीं की गई तो छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ द्वारा जिला मुख्यालयों में ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना विभाग की जिम्मेदारी है और छात्रों, शिक्षकों तथा विद्यालयों को अनावश्यक कठिनाइयों से बचाने के लिए समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।