हरदीबाजार।
एसईसीएल मुख्यालय में एसईसीएल और विधायक, ग्रामीणों के बीच चर्चा पर कुछ मुद्दों पर सहमति बनी तो कुछ पर विचार कर मोहलत मांगी
हरदीबाजार, रेंकी और सराई सिंगार क्षेत्र के भूविस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार 21 सितंबर को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी सभागार में विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में एसईसीएल अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में बसाहट, मुआवजा, नौकरी सहित अन्य मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, जबकि शेष मांगों पर एसईसीएल अधिकारियों ने विचार कर जल्द लिखित जवाब देने की बात कही।
19 सितंबर को हुआ था 8 घंटे का तालाबंदी आंदोलन
दरअसल, 19 सितंबर को हरदीबाजार, रेंकी और सराई सिंगार के भूविस्थापितों ने अपनी मांगों को लेकर विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में दीपका महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर करीब 8 घंटे तक तालाबंदी आंदोलन किया था। इस दौरान एसडीएम कटघोरा नितिन दुबे और दीपका जीएम के साथ तीन दौर की वार्ता हुई।
वार्ता के बाद एसईसीएल के बिलासपुर मुख्यालय में 21 सितंबर को बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी, जिसके बाद शाम करीब 5 बजे तालाबंदी आंदोलन स्थगित किया गया था।
बसाहट और मुआवजे के मुद्दे पर हुई चर्चा
सोमवार को हुई बैठक में रेंकी और सराई सिंगार के भूविस्थापितों की बसाहट को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सुपेतपारा बाईपास किनारे उतरदा की जमीन पर बसाहट देने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों की ओर से जयंती नगर को पूर्ण रूप से विकसित कर बसाहट देने की मांग रखी गई।
वहीं वर्ष 2004 से 2010 के बीच अधिग्रहण के बाद खरीदी-बिक्री किए गए मकानों की नापी कर संबंधित मकान मालिकों को सोलसियम सहित मुआवजा देने की मांग पर भी चर्चा हुई। ड्रोन सर्वे के बाद निर्मित मकानों को नया मानते हुए 60 प्रतिशत कटौती कर 40 प्रतिशत मुआवजा निर्धारित किए जाने के मामले में भी ग्रामीणों ने सोलसियम सहित मुआवजा देने की मांग रखी।
नौकरी और 212 एकड़ भूमि का मुद्दा भी उठा
बैठक में वर्ष 2004 के अधिग्रहण के समय लागू प्रावधान के अनुसार पात्र खातेदारों को नौकरी देने के मुद्दे पर एसईसीएल की ओर से विचार कर जानकारी देने की बात कही गई। इसके अलावा शेष 212 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर भूविस्थापितों को बसाहट देने के विषय पर भी चर्चा हुई, जिस पर एसईसीएल ने विचार कर निर्णय की जानकारी देने की बात कही।
15 दिन में नौकरी, मुआवजा और बसाहट के मामलों पर सहमति
विधायक प्रेमचंद पटेल ने आमगांव, दर्राखांचा, मलगांव और सुआभोंडी के भूविस्थापितों की लंबित नौकरी, मुआवजा और बसाहट से संबंधित मामलों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया। इन मामलों के निराकरण के लिए 15 दिनों के भीतर कार्रवाई करने पर सहमति बनने की बात कही गई।
बैठक में अन्य मांगों पर भी शीघ्र विचार कर 4 से 5 दिनों के भीतर सभी मुद्दों पर लिखित जानकारी देने की सहमति बनी।
हरदीबाजार में मकान नहीं तोड़ने की बात
बैठक के दौरान हरदीबाजार में मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। एसईसीएल की डायरेक्टर टीम की ओर से मुआवजा दिए जाने से पहले मकान नहीं तोड़े जाने की बात कही गई।
बैठक में विधायक प्रेमचंद पटेल, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, उपसरपंच रेखा जायसवाल सहित रेंकी, सराई सिंगार और आसपास के बड़ी संख्या में भूविस्थापित उपस्थित रहे।
एसईसीएल की ओर से डायरेक्टर डीएचआर वीरंची दास, डीटी डायरेक्टर पीएनपी मोहपात्रा, जीएम एलएंडआर बिपिन कुमार लाल, दीपका जीएम अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण प्रतिनिधियों में श्यामू जायसवाल, रघुराज सिंह उईके, नरेश टंडन, व्यास राठौर, महेंद्र राठौर, राजेश जायसवाल, शिव यादव, फिरोज खान, जगदीश अग्रवाल, अनिल टंडन, मन्नु राठौर, राजाराम राठौर, प्रदीप पांडेय, ममता ओग्रे, प्रेम डिक्सेना, शशीधर सोनी, सुरेंद्र राठौर, प्रदीप राठौर, इंद्रभूषण ओढ़े, सुधीर कंवर, चंद्रिका प्रजापति, दिलीप राठौर, कमलेश राठौर, पंकज धुर्वा, रमन कुल्हाड़े और गणेश श्रीवास सहित अन्य भूविस्थापित शामिल हुए।