बलौदा बाज़ार का नाम रोशन: कैप्टन शिवांशी केसरवानी ने अमेरिका से पूरा किया पायलट का सपना, बनीं समाज की पहली महिला CPL होल्डर
बलौदा बाज़ार | 5 अगस्त 2026
बलौदा बाज़ार नगर की 21 वर्षीय प्रतिभाशाली युवती कैप्टन शिवांशी केसरवानी ने Commercial Pilot License (CPL) प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे केसरवानी समाज और बलौदा बाज़ार जिले का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के साथ वे केसरवानी समाज की प्रथम कमर्शियल पायलट बनने का ऐतिहासिक सम्मान प्राप्त करने वाली युवा बनी हैं। उनकी सफलता को क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा, आत्मविश्वास और उच्च उपलब्धियों का प्रेरणादायी उदाहरण माना जा रहा है।
कैप्टन शिवांशी ने अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो स्थित Advance Aviation Center से व्यावसायिक उड़ान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर कमर्शियल पायलट लाइसेंस अर्जित किया। कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और निर्धारित उड़ान मानकों को पूरा करने के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से कमर्शियल पायलट के रूप में मान्यता मिली। अब वे कैप्टन शिवांशी केसरवानी के नाम से जानी जाएँगी।
विदेश में प्रशिक्षण के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने मुंबई स्थित एक प्रतिष्ठित एविएशन प्रशिक्षण संस्थान में लगभग एक वर्ष तक विमानन के विभिन्न तकनीकी विषयों का अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने मौसम विज्ञान (Weather), टेकऑफ़ एवं लैंडिंग प्रक्रिया, फ्लाइट सेफ्टी, एयरक्राफ्ट संचालन, एयर रेगुलेशन तथा अन्य आवश्यक विमानन विषयों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसने उनकी आगे की सफलता की मजबूत नींव तैयार की।
कैप्टन शिवांशी, नितेश केसरवानी एवं भावना केसरवानी की पुत्री तथा नरेंद्र (नंदू) केसरवानी एवं शोभा केसरवानी की पौत्री हैं। परिवार का निरंतर सहयोग, अनुशासित तैयारी, कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण उनकी सफलता के प्रमुख आधार रहे। परिजनों ने इस उपलब्धि को वर्षों की मेहनत और ईश्वर की कृपा का परिणाम बताया।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केसरवानी समाज, नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शुभचिंतकों एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कैप्टन शिवांशी केसरवानी को शुभकामनाएँ दीं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी सफलता प्रदेश और देश की हजारों बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस देगी। यह उपलब्धि न केवल बलौदा बाज़ार बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।