ऑनलाइन अटेंडेंस से वेतन भुगतान पर घमासान: समन्वयक संघ बोला- तकनीकी खामियों का खामियाजा शिक्षकों पर क्यों?

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

July 28, 2026

रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर वेतन आहरण संबंधी आदेश का संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ ने विरोध किया है। संघ के प्रांताध्यक्ष विक्रम राय ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इस व्यवस्था को लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आदेश वापस नहीं लेने पर सात दिन बाद आंदोलन की चेतावनी दी है।

संघ का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश शासकीय विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर डाउन, मोबाइल एप की तकनीकी खामियां, नेटवर्क की समस्या और बिजली कटौती जैसी दिक्कतें आम हैं। ऐसे में यदि केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान किया जाएगा तो कई शिक्षक और कर्मचारी बिना किसी गलती के प्रभावित होंगे।

विक्रम राय ने कहा कि कई बार शिक्षक समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते हैं, लेकिन तकनीकी कारणों से वह पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाती। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को इसका सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका कहना है कि शिक्षक का प्राथमिक दायित्व विद्यार्थियों को पढ़ाना है, न कि प्रतिदिन तकनीकी समस्याओं से जूझना।

संघ ने शासन से मांग की है कि ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर वेतन भुगतान और कटौती संबंधी आदेश तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही ऑफलाइन उपस्थिति पंजी को भी मान्य रखा जाए तथा तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। संघ ने यह भी मांग की है कि सभी स्कूलों में इंटरनेट, स्मार्टफोन और निर्बाध बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही ऑनलाइन अटेंडेंस को अनिवार्य किया जाए।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर आदेश वापस नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालयों और लोक शिक्षण संचालनालय का घेराव किया जाएगा। संघ ने इस मुद्दे पर प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों से समर्थन देने की अपील भी की है।

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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