मांगें पूरी न होने पर बिलासपुर में पटवारियों की हड़ताल की चेतावनी, कलेक्टर को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन
बिलासपुर। जिले के राजस्व पटवारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजस्व पटवारी संघ, शाखा बिलासपुर ने कलेक्टर को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो जिले के पटवारी बिना किसी पूर्व सूचना के कभी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
संघ की मंगला स्थित संघ भवन में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में यह सर्वसम्मत निर्णय लिया गया।
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नक्शा बंटांकन कार्य: लगातार हो रही बारिश के कारण मौके पर जाकर नक्शा बंटांकन करना संभव नहीं हो पा रहा है। संघ ने मांग की है कि खरीफ सीजन के इस कार्य को फसल कटाई के बाद कराया जाए।
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एग्रीस्टैक कार्य में समय सीमा: एग्रीस्टैक के Unclaimed Bucket कार्य में संयुक्त खातेदारों की मृत्यु, पलायन और पारिवारिक विवाद जैसी व्यावहारिक चुनौतियां आ रही हैं, इसलिए इस कार्य के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।
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वेतन व पदोन्नति: पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान से जुड़े मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।
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डिजिटल हस्ताक्षरण व रिकॉर्ड: डिजिटल रिकॉर्ड में प्रविष्टि करने वाले संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय हो और डिजिटल सिग्नेचर के नवीनीकरण की सुविधा जिला स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाए।
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लंबित मानदेय: डीसीएस सर्वेयरों के बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए।
पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि स्वामित्व योजना, माइलस्टोन योजना और बढ़ते ऑनलाइन राजस्व कार्यों के कारण पटवारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। इससे कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
संघ ने साफ किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो जिले की राजस्व व्यवस्था ठप हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।