रायपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़ द्वारा आषाढ़ मास के पावन अवसर पर 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक प्रदेशव्यापी “प्रकृति श्रृंगार” विशेष पौधारोपण एवं संरक्षण अभियान प्रारंभ किया गया है।
अभियान के माध्यम से परिषद् ने प्रदेश के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सहयोगियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया है। परिषद् का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें नियमित देखभाल, सिंचाई एवं सुरक्षा प्रदान कर भविष्य में विकसित वृक्ष के रूप में तैयार करना है।
अभियान के तहत फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधों को प्राथमिकता देने, पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या अन्य उपयुक्त व्यवस्था करने तथा परिवार, युवाओं, मातृशक्ति एवं समाज के अन्य लोगों को भी इस जनभागीदारी अभियान से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है।
परिषद् ने निर्देश दिए हैं कि पौधारोपण के बाद प्रत्येक पौधे का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तथा अभियान के अंतर्गत किए गए पौधारोपण की फोटो एवं संक्षिप्त विवरण जिला एवं प्रदेश संगठन को भेजे जाएँ, ताकि अभियान का प्रभावी दस्तावेजीकरण किया जा सके।
परिषद् ने अभियान का संकल्प “एक सदस्य – एक पौधा नहीं, बल्कि एक संरक्षित वृक्ष” निर्धारित करते हुए सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
इस अवसर पर परिषद् के प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि “वृक्ष हैं जीवन का आधार, आइए करें प्रकृति का श्रृंगार।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश में हरियाली बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण उपलब्ध कराने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण योगदान देगा।