बलौदाबाजार में ‘न्याय संहिता कैंपेन’ का भव्य आयोजन: सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आमजन और पुलिस बल को किया गया जागरूक

BIRENDRA KUMAR SEN

June 28, 2026

बलौदाबाजार में ‘न्याय संहिता कैंपेन’ का भव्य आयोजन: सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आमजन और पुलिस बल को किया गया जागरूक

बलौदाबाजार-भाटापारा।

देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के गरिमामयी उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के तहत जिला पुलिस बल द्वारा एक विशेष पहल की गई। पुलिस लाइन बलौदाबाजार स्थित पुलिस कम्युनिटी हॉल में आयोजित इस भव्य “जिला स्तरीय न्याय संहिता कैंपेन” का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और पुलिस बल को देश के नवीन कानूनों के प्रति जागरूक और सजग बनाना था।

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री ओ.पी. शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर अभियान की शुरुआत की। अपने उद्बोधन में उन्होंने इस कैंपेन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नए कानूनों को आत्मसात करना आज के समय की मांग है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय और पुलिस बल से अपील की कि वे इस कार्यक्रम में दी जा रही कानूनी जानकारियों का भरपूर लाभ उठाएं ताकि समाज में न्याय व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व मजबूत बनाया जा सके।

​देश में लागू हुए नवीन कानूनों की बारिकियों को समझाने के लिए कार्यक्रम में दिग्गज विधिक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। वरिष्ठ विधिक विशेषज्ञ श्री एम.के. देशपांडे, डी.डी.पी. श्री गजेंद्र साहू एवं विशेष अपर लोक अभियोजक अधिवक्ता श्री अमिय अग्रवाल द्वारा नवीन विधिक प्रावधानों, धाराओं और प्रक्रियात्मक बदलावों के संबंध में अत्यंत सरल और सारगर्भित जानकारी दी गई।

​विशेषज्ञों ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से देश में लागू हुए तीन नए कानून—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—अब पुराने औपनिवेशिक कानूनों (IPC, CrPC और Evidence Act) की जगह ले चुके हैं।

नए कानूनों की मुख्य विशेषताएं:

  • न्याय पर केंद्रित: नए कानूनों का मूल उद्देश्य ‘दंड’ देने के बजाय नागरिक को ‘न्याय’ प्रदान करना है।
  • डिजिटल और हाई-टेक प्रणाली: एफआईआर (FIR) से लेकर अदालत के फैसले तक की प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कानूनी मान्यता दी गई है।
  • महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता: इनके विरुद्ध होने वाले अपराधों के लिए अत्यंत कड़े प्रावधान और विशेष अध्याय जोड़े गए हैं।
  • जीरो एफआईआर (Zero FIR): अब कोई भी नागरिक किसी भी थाने में जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है, चाहे घटना कहीं भी हुई हो।
  • समय-सीमा तय: त्वरित निपटारे के लिए पुलिस जांच, चार्जशीट और अदालत के फैसले के लिए सख्त समय-सीमा (Timeline) तय की गई है।

​कानूनी जागरूकता के साथ-साथ वर्तमान समय की सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए दो विशेष सत्र भी आयोजित किए गए:

  1. यातायात सुरक्षा: उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री संजय साहू ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन की अनिवार्यता और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
  2. साइबर अवेयरनेस: सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य द्वारा वर्तमान में बढ़ रहे ऑनलाइन और साइबर फ्रॉड के तरीकों से अवगत कराते हुए, उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय और महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।

​इस गरिमामयी कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन उप पुलिस अधीक्षक (कैंप कसडोल) श्री कौशल किशोर वासनिक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बलौदाबाजार) श्री अभिषेक सिंह द्वारा सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

​इस जिला स्तरीय अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (भाटापारा) श्री हेमसागर, एसडीओपी भाटापारा श्री तारेश साहू, उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश श्रीवास्तव सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी, समस्त प्रोबेशनर सब-इंस्पेक्टर (PSI) और बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय आमजन व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ज्ञानवर्धक कैंपेन का भरपूर लाभ उठाया।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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