छत्तीसगढ़: कन्या विवाह योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, दुल्हनों को बांटे नकली मंगलसूत्र; विपक्ष ने कहा- ‘भाजपा अब धोखेबाजी पर उतरी’

BIRENDRA KUMAR SEN

June 13, 2026

छत्तीसगढ़: कन्या विवाह योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, दुल्हनों को बांटे नकली मंगलसूत्र; विपक्ष ने कहा- ‘भाजपा अब धोखेबाजी पर उतरी’

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर।

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह विवादों के घेरे में आ गया है। योजना के तहत नवविवाहित दुल्हनों को दिए गए सोने के मंगलसूत्र महज कुछ ही दिनों में काले पड़ गए। जब शक होने पर पीड़ितों ने इसकी जांच कराई, तो पता चला कि वह सोना नहीं, बल्कि बेहद सस्ती धातु ‘गिलट’ (नकली धातु) है। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

​सामूहिक विवाह में शामिल हुईं नवविवाहिताओं और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ ही दिन बाद मंगलसूत्र का रंग पूरी तरह काला पड़ गया।

पीड़ितों का बयान: “हमें लगा कि सरकार की तरफ से शगुन में सोना मिला है, लेकिन यह तो धोखा निकला। मंगलसूत्र काला पड़ने पर जब हमने सुनार से जांच कराई, तो उसने बताया कि यह गिलट का है और इसकी कोई कीमत नहीं है। हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। अब हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें नया और असली मंगलसूत्र खरीदने के लिए पैसे दिए जाएं।”

 

​इस संवेदनशील मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई है। विपक्ष ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि गरीब बेटियों की शादी जैसे पवित्र आयोजन में भी भ्रष्टाचार की सीमाएं लांघ दी गईं।

​विपक्ष के नेताओं ने तंज कसते हुए कहा:

  • भ्रष्टाचार के साथ धोखेबाज़ी: भाजपा सरकार अब सिर्फ आर्थिक भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि प्रदेश की गरीब जनता और बेटियों के साथ सरेआम धोखेबाज़ी का काम भी करने लगी है।
  • भावनाओं से खिलवाड़: मुख्यमंत्री के नाम पर चल रही योजना में बेटियों को नकली जेवर सौंपना बेहद शर्मनाक है। यह सरकार की लापरवाही और उनके अधिकारियों की मिलीभगत को उजागर करता है।

​मामला तूल पकड़ते ही जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि विवाह सामग्री की खरीदी के लिए टेंडर जारी किए गए थे और सप्लायर द्वारा दिए गए सामानों की जांच की जा रही है।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि:

  1. ​मंगलसूत्रों की क्वालिटी की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई है।
  2. ​दोषी सप्लायर और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  3. ​पीड़ित नवविवाहिताओं को नियमानुसार उचित मुआवजा या सामग्री दिलाने पर विचार किया जा रहा है।

​फिलहाल, इस घटना ने छत्तीसगढ़ की ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, और पीड़ित परिवार अब इंसाफ तथा अपने हक के असली मंगलसूत्र की मांग कर रहे हैं।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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