APK फाइल से मोबाइल हैक, खाते से उड़ाए 3.74 लाख; झारखंड से साइबर ठग गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

June 13, 2026

बलौदाबाजार ।मोबाइल पर आए एक मैसेज ने बलौदाबाजार के एक व्यक्ति के बैंक खाते को खाली कर दिया। साइबर ठगों ने शातिराना अंदाज में मोबाइल का एक्सेस हासिल कर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 3.74 लाख रुपए पार कर दिए। मामले की जांच करते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने झारखंड के देवघर में दबिश देकर अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक संजय कॉलोनी निवासी महेंद्र त्रिपाठी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध मैसेज आया था। इसके कुछ समय बाद उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से कुल 3 लाख 74 हजार रुपए की रकम निकल गई। शिकायत पर सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की गई।

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम कोलकाता स्थित बंधन बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। खाते की पड़ताल करने पर तार झारखंड के देवघर जिले से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस टीम को झारखंड रवाना किया गया।

देवघर में घेराबंदी कर पुलिस ने पंचरूखी गांव निवासी मुस्तफा अंसारी और लाल मोहम्मद अंसारी उर्फ लालबाबू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुस्तफा अंसारी एक स्थाई वारंटी भी बताया जा रहा है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह का मुख्य संचालक जामताड़ा क्षेत्र का एक व्यक्ति है, जो फर्जी बैंक खातों और एपीके फाइलों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करता है। गिरोह पहले फर्जी एपीके फाइल लोगों तक पहुंचाता था, फिर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर बैंक खातों से रकम निकाल लेता था।

पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बलौदाबाजार लाया गया है। न्यायालय ने उन्हें 25 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

* पीड़ित: महेंद्र त्रिपाठी, संजय कॉलोनी, बलौदाबाजार
* ठगी की रकम: ₹3.74 लाख
* गिरफ्तारी: देवघर (झारखंड) से
* जब्ती: ओप्पो मोबाइल फोन
* तरीका: फर्जी APK फाइल के जरिए मोबाइल हैकिंग
* रिमांड: 25 जून तक

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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