सरायपाली/महासमुंद। भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की सरायपाली शाखा में लाखों रुपये के गबन के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक वर्ष से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों पर कंपनी और ग्राहकों की कुल 22 लाख 66 हजार 645 रुपये की राशि का गबन करने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय प्रबंधक हेमेन्द्र राजाराम जनबन्धु ने 22 दिसंबर 2025 को थाना सरायपाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड, जो इंडसइंड बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, ग्रामीण एवं निम्न आय वर्ग के ग्राहकों को ऋण उपलब्ध कराने का कार्य करती है।
शिकायत के अनुसार, कंपनी की सरायपाली शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधक, फील्ड मैनेजर एवं क्रेडिट मैनेजर ने ग्राहकों से वसूली गई ऋण किश्तों की राशि बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखकर गबन कर लिया था।
जांच में सामने आया कि शाखा प्रबंधक शुभम पाणीग्राही ने 16 हितग्राहियों से वसूली गई 5 लाख 35 हजार 869 रुपये की राशि जमा नहीं की। वहीं फील्ड मैनेजर दीपक कुमार ने 16 ग्राहकों से वसूले गए 1 लाख 58 हजार 961 रुपये, फील्ड मैनेजर रोहन प्रधान ने 55 हितग्राहियों से वसूले गए 5 लाख 54 हजार 583 रुपये तथा क्रेडिट मैनेजर प्रमोद महंत ने 16 हितग्राहियों से प्राप्त 10 लाख 17 हजार 232 रुपये का गबन किया। इस प्रकार चारों आरोपियों द्वारा कुल 22 लाख 66 हजार 645 रुपये की हेराफेरी किए जाने की पुष्टि हुई।
मामले में थाना सरायपाली में अपराध क्रमांक 341/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी।
पुलिस द्वारा लगातार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) विश्लेषण तथा मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 8 जून 2026 को फरार आरोपी रोहन प्रधान (24 वर्ष), निवासी झगरेनडीह थाना पिथौरा तथा प्रमोद महंत (34 वर्ष), निवासी पुसलदा थाना छाल जिला रायगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका एवं शेष कार्रवाई के संबंध में जांच जारी है।