बसना/महासमुंद। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही बसना क्षेत्र के किसानों में खाद संकट को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीण सेवा सहकारी समिति कुरचुंडी एवं गढ़फुलझर में खाद की उपलब्धता का जायजा लेने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस नेता मोक्ष कुमार प्रधान ने किसान नेताओं के साथ स्थिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने खाद की कमी को लेकर अपनी गंभीर समस्याएं सामने रखीं।
किसानों ने बताया कि समितियों में अब तक यूरिया खाद का वितरण शुरू नहीं हो पाया है, जबकि डीएपी खाद का वितरण मार्च महीने से पूरी तरह बंद है। खेती की तैयारियों में जुटे किसान लगातार समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान किसान कांग्रेस बसना ब्लॉक अध्यक्ष केशव साव, किसान नेता मनोज प्रधान, सुंदरमणी साव, हेमलाल साव और ऋषिकेश साव भी मौजूद रहे। किसानों ने नेताओं को बताया कि समय पर खाद नहीं मिलने से खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका है, जिससे उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति पूरी तरह विफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी का सबसे महत्वपूर्ण समय शुरू हो चुका है, इसके बावजूद किसानों को आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि मार्च महीने से डीएपी खाद का वितरण बंद होना बेहद चिंताजनक है। किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बसना ब्लॉक की अन्य ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के साथ-साथ पिथौरा ब्लॉक की समितियों का भी निरीक्षण किया जाएगा। यदि जल्द ही खाद संकट का समाधान नहीं किया गया और किसानों को यूरिया तथा डीएपी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो किसानों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
मोक्ष कुमार प्रधान ने बताया कि किसान कांग्रेस एवं जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में जल्द ही किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल खाद संकट की गंभीर स्थिति से प्रशासन को अवगत कराते हुए तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग करेगा।
वहीं किसानों ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि खेती बचाने के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है और इस मुद्दे पर अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समय पर खाद नहीं मिली तो होगा बड़ा जनआंदोलन : मोक्ष कुमार प्रधान
जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
किसानों की मांग
⚫ तत्काल यूरिया खाद का वितरण शुरू किया जाए।
⚫ मार्च से बंद डीएपी खाद की आपूर्ति बहाल की जाए।
⚫ सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए।
⚫ किसानों को बार-बार परेशान होने से बचाने के लिए पारदर्शी वितरण व्यवस्था लागू की जाए।
खाद दो, खेती बचाओ” और “समय पर खाद नहीं, तो संघर्ष तय” जैसे नारों के साथ किसानों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है।