झिकीपाली में शराब दुकान हटाने महिलाओं का विरोध, छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

SARJU PRASAD SAHU

June 5, 2026

सारंगढ़। बरमकेला विकासखंड के ग्राम झिकीपाली में संचालित शासकीय शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। गांव के मुख्य आवागमन मार्ग पर संचालित इस शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाएं लामबंद हो गई हैं। उनका कहना है कि दुकान के कारण गांव का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और छात्राओं की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, यह शराब दुकान ग्राम गिन्डोला जाने वाले मुख्य मार्ग पर संचालित हो रही है। इसी रास्ते से गांव की महिलाएं, छात्राएं और अन्य ग्रामीण प्रतिदिन डोंगरीपाली बाजार, स्कूल तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में शराब दुकान के आसपास दिनभर लोगों की आवाजाही और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

महिलाओं का आरोप है कि शराब दुकान के आसपास अक्सर शराब सेवन करने वालों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे छात्राओं और महिलाओं को रास्ते से गुजरने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात इतने चिंताजनक हो गए हैं कि कुछ छात्राओं ने स्कूल आना-जाना तक कम कर दिया है। इससे उनके भविष्य और शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि शराब दुकान खुलने के बाद से गांव का वातावरण लगातार प्रभावित हो रहा है। पारिवारिक और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं तथा युवाओं पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनहित और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब दुकान को गांव के मुख्य मार्ग से हटाकर अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे व्यापक जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। इस मांग को लेकर सावित्री राणा, कुन्ती राणा, मीरा बरीहा, इसुकांति सिदार, खिरोबति सिदार, दीपांजलि सिदार, प्रभा सिदार, अंशुया सिदार, ससुता पांडे, सबिता सिदार, पूर्णिमा सिदार, कानको सिदार, अनिता, उर्वशी, पविष्टा सिदार, सीता, संतोषनी और दिलेश्वरी सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने अपना समर्थन जताया है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द मामले का संज्ञान लेकर उचित निर्णय लेना चाहिए, ताकि गांव में सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण कायम रह सके।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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