लापरवाही की आग: हसौद में कबाड़ी दुकान में भीषण आग, लाखों का कबाड़ जलकर खाक
हसौद।
मंडी चौक स्थित एक कबाड़ी दुकान में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दुकान के भीतर रखा प्लास्टिक, टायर, पुरानी कॉपियां और अन्य कबाड़ का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आशंका जताई जा रही है कि हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार, मंडी चौक निवासी सम्मेलाल खूंटे की कबाड़ी दुकान के ठीक बगल में एक खेत है। मंगलवार दोपहर एक किसान द्वारा अपने खेत में पैरा (धान का पुआल) जलाया जा रहा था। तेज गर्मी और भीषण हवा के थपेड़ों के कारण पैरे की आग अनियंत्रित हो गई और धीरे-धीरे कबाड़ी दुकान तक पहुँच गई। कबाड़ में प्लास्टिक और टायर जैसी ज्वलनशील चीजें होने के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया और दुकान धू-धू कर जलने लगी।
राहत की बात: घटना के वक्त सूझबूझ से काम लिया गया, जिससे इस भीषण आगजनी में किसी भी प्रकार की जनहानि (जान का नुकसान) नहीं हुई।
दुकान से उठती आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय निवासियों और मोहल्लेवासियों ने बिना वक्त गंवाए अपने स्तर पर पानी और बालू डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका, जिससे आग आगे रिहायशी इलाके में नहीं फैली।

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि शासन-प्रशासन द्वारा गर्मी के मौसम में खेतों में पैरा (नरवाई) जलाने पर सख्त रोक लगाई गई है। इसके बावजूद कुछ किसानों द्वारा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दोपहर के चिलचिलाती धूप और तेज हवाओं के बीच पैरा जलाना एक गंभीर लापरवाही है, जिससे कभी भी कोई बड़ी जनहानि या बड़ा हादसा हो सकता है।