बलौदा बाजार। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने म्यूल बैंक अकाउंट संचालित करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध साइबर फ्रॉड ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में की गई कार्रवाई के दौरान आरोपी जयप्रकाश श्रीवास और शशि कुमार धृतलहरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है।
पहले प्रकरण में 1 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन पुलिस के अनुसार आरोपी जयप्रकाश श्रीवास के डीसीबी बैंक खाते में 1 फरवरी 2024 से 31 जनवरी 2025 के बीच ₹1,00,02,999 की संदिग्ध राशि जमा हुई। जांच में पाया गया कि खाते में बड़ी रकम आते ही उसे छोटे-छोटे हिस्सों में विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया जाता था। आरोपी पर अपने केवाईसी दस्तावेज और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने का आरोप है।
इस मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 381/2025 के तहत धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दूसरे प्रकरण में 34 लाख से अधिक की संदिग्ध राशि दूसरे मामले में आरोपी शशि कुमार धृतलहरे के एचडीएफसी बैंक खाते में 1 नवंबर 2013 से 15 अप्रैल 2026 के बीच ₹34,59,332 की संदिग्ध राशि का लेनदेन पाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का खाता भी साइबर फ्रॉड की रकम को ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 383/2025 के तहत धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।
पुलिस कर रही अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। मामले में साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।