पलारी, 1 मई। मजदूर दिवस और बोरे-बासी दिवस के मौके पर पलारी के युवा नेता सुमित तिवारी ने स्वाद से भरा कटोरा हाथ में लेकर ऐसा देसी संदेश दिया कि हर कोई कह उठा—“वाह! यही है असली छत्तीसगढ़िया अंदाज।”
देसी कटोरा में परोसी गई ठंडी-ठंडी बासी, साथ में आम की चटनी, प्याज और अचार… नेता जी ने पारंपरिक स्वाद का ऐसा आनंद लिया कि गर्मी भी शायद सोच में पड़ गई होगी। सुमित तिवारी की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में रही, जहां लोगों ने इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति, सादगी और स्वाद का शानदार मेल बताया।
उन्होंने कहा कि बोरे-बासी केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, मजदूरों के सम्मान और अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की पहचान है। स्वाद से भरा यह कटोरा मानो यही कह रहा था—“पिज्जा-बर्गर बाद में, पहले अपनी परंपरा सबसे आगे।”
पलारी में सुमित तिवारी का यह देसी अंदाज लोगों को खूब भाया। बोरे-बासी दिवस पर उनका संदेश साफ था कि अपनी संस्कृति का स्वाद जितना देसी कटोरा में है, उतना कहीं और नहीं।