NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की अनुशंसा पर की है।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
जांच एजेंसियों और NTA को जानकारी मिली थी कि कुछ संगठित गिरोह Telegram का उपयोग कर NEET अभ्यर्थियों को कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने, फर्जी पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से लाखों रुपये की ठगी करने में लगे हुए थे। Telegram के संदेश संपादन (Message Edit) फीचर का दुरुपयोग कर पुराने संदेशों में बाद में सामग्री जोड़कर उन्हें “पहले से उपलब्ध प्रश्नपत्र” के रूप में दिखाया जा रहा था।
कब तक रहेगा प्रतिबंध?
सरकार द्वारा Telegram की सामान्य सेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध 16 जून से 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। जबकि Telegram के कुछ फीचर्स, विशेषकर पहले से पोस्ट किए गए संदेशों को संपादित करने की सुविधा, 30 जून 2026 तक सीमित या बंद रहेगी।
किन एजेंसियों ने की कार्रवाई?
इस कार्रवाई में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), बिहार पुलिस, अहमदाबाद साइबर सेल तथा अन्य जांच एजेंसियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई संदिग्ध चैनलों और नेटवर्क की निगरानी के बाद यह कदम उठाया गया।
छात्रों और आम लोगों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
प्रतिबंध के दौरान भारत में Telegram की सेवाएं सीमित या पूरी तरह बाधित रह सकती हैं। इससे Telegram का उपयोग करने वाले लाखों छात्र, व्यवसायी, कंटेंट क्रिएटर और सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम केवल परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और छात्रों को ठगी से बचाने के लिए अस्थायी रूप से उठाया गया है।
विरोध के स्वर भी उठे
इस फैसले पर कुछ डिजिटल अधिकार संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि कुछ अपराधियों की वजह से पूरे प्लेटफॉर्म को प्रतिबंधित करना सामान्य उपयोगकर्ताओं को भी प्रभावित करता है। वहीं सरकार और NTA का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और छात्रों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या Telegram स्थायी रूप से बैन हुआ है?
नहीं। वर्तमान में जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध अस्थायी और समयबद्ध है। सरकार की ओर से Telegram को स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की कोई घोषणा नहीं की गई है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद सेवाएं बहाल होने की संभावना है।