सरगुजा। अमेरा खुली कोयला खदान के विस्तार को लेकर सरगुजा में आज माहौल तनावपूर्ण रहा। विरोध प्रदर्शन कर रहे स्थानीय आदिवासी और ग्रामीणों की पुलिस से हिंसक भिड़ंत हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर, गुलेल और डंडों से हमला किया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों समेत दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।
छात्र की हिरासत से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने उनके गांव के 12वीं के एक छात्र को हिरासत में लिया था, जिसके विरोध में भीड़ उग्र हो गई। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कोयला खदान विस्तार के लिए भू-अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है और प्रभावितों को मुआवजा भी दे दिया गया है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई, आंसू गैस के गोले दागे
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 12 से अधिक ग्रामीण भी घायल हुए हैं। दोनों ओर से घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
हिंसा के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
लोकतंत्र पर सवाल
लखनपुर विकासखंड के ग्राम परसोडीकला में गुजरात की एक निजी कंपनी द्वारा सरकारी खदान में उत्खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों के बीच हुई ये घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन, जीवन और अधिकारों की अनदेखी कर विकास के नाम पर उनकी आवाज को कुचला जा रहा है।