नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, बेहतरीन जांच के लिए विवेचक होंगे सम्मानित
धमतरी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक संवेदनशील मामले में न्यायालय ने त्वरित और कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी गजेंद्र कुमार विश्वकर्मा को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास (कठिन कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर ग्राम भरदा (थाना मगरलोड) निवासी 27 वर्षीय आरोपी गजेंद्र कुमार विश्वकर्मा (पिता मानसिंग विश्वकर्मा) के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
इस संवेदनशील मामले में पुलिस की ओर से पेश किए गए पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली है। मामले की बेहतरीन और त्रुटिहीन जांच के लिए धमतरी पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा जांच अधिकारी (Investigating Officer) को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
”इस त्वरित और न्यायपूर्ण फैसले से समाज में कड़ा संदेश जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जांच अधिकारी को सम्मानित करने से विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों का भी मनोबल बढ़ेगा और वे पूरी निष्ठा से काम करने के लिए प्रेरित होंगे।”
— पुलिस प्रशासन, धमतरी
संक्षिप्त विवरण:
- दोषी का नाम: गजेंद्र कुमार विश्वकर्मा (27 वर्ष), निवासी- ग्राम भरदा
- सजा: 20 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹3,000 का जुर्माना
- संबंधित थाना: मगरलोड, जिला धमतरी
- अधिनियम: पॉक्सो एक्ट (POCSO Act)