छुरा- नगर के हृदय स्थल में स्थित राम जानकी मानस मंदिर में सावन महीने का मास परायण 30 जुलाई से प्रारंभ हुआ शिक्षक मानस परिवार द्वारा प्रतिवर्ष श्रावण माह में पूरे दिन रामचरितमानस का मास परायण पाठ विगत 15 वर्षो से करते आ रहे हैं। प्रतिदिन भजन कीर्तन तथा अरण्यास करण्यास के साथ हनुमान चालीसा और मानस में निर्धारित एक विश्राम पाठ किया जाता है पश्चात आरती की जाती है रामचरितमानस तीस विश्राम में विभाजित है विदित हो कि नगर में यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही थी जिसे शिक्षक मानस परिवार द्वारा विगत वर्षों से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे है जिसमें नगर के सभी भक्त जनों का सहयोग प्राप्त होता है सावन मास शिवशंकर का प्रिय माह है भोलेनाथ प्रभु श्रीराम को अपना ईष्ट मानते हैं सावन में शिव भक्तों द्वारा भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न कर मनौती पूर्ण करने की परंपरा चली आ रही है कोई जल चढ़ा कर, सावन सोमवार उपवास करके, कोई काँवर यात्रा तो कोई तीर्थाटन करके अपने को धन्य करता है। इसी प्रकार राम भक्तों द्वारा रामचरितमानस का पाठ करके अपने को धन्य करने तथा संसार को पवित्र करने का कार्य किया जाता है कहा जाता है कि भोलेनाथ स्वयं सदैव श्रीराम का ध्यान करते हैं जो व्यक्ति पूरे सावन मास में श्रीराम का नाम या रामचरित मानस पाठ करता है उस पर भोलेनाथ की असीम कृपा होती है शिक्षक मानस परिवार के सदस्यों को मानस मंदिर के पुजारी यज्ञेश पांडेय द्वारा विधि विधान से संकल्प कराकर पाठ प्रारंभ कराए।
विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी प्रति दिन संध्या 6:00 से 7:30 बजे तक पाठ किया जा रहा है नगर के भक्त जनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई थी मानस परिवार के सदस्य जिनमें कामता प्रसाद तिवारी, विनोद कुमार देवांगन, ललित वर्मा, हीरालाल साहू, मनहरण पटेल, ओमप्रकाश यादव, पोषण लाल वर्मा, विमल पुरोहित, पुखराज ठाकुर, घनश्याम सिन्हा, रुपेश कुमार शर्मा, रामकुमार साहू, केशव प्रसाद साहू, कैलाश पटेल रोशन शर्मा, उपेन्द्र पटेल, ओभप्रभा साहू भोला पांडेय हेमंत कंसारी आदि शामिल होकर पाठ में सहभागी बन रहे हैं।