बलौदाबाजार, 3 नवम्बर 2025
मृत चीतल को दफनाने के पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो लापरवाह वनकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2025 को बलौदाबाजार वनमंडल के अर्जुनी परिक्षेत्र अंतर्गत दक्षिण महराजी परिसर में एक मादा चीतल के मृत मिलने की सूचना पर वनरक्षक ने बिना उच्च अधिकारियों को अवगत कराए एवं बिना पोस्टमार्टम कराए मृत वन्यप्राणी को दफना दिया। परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि चीतल को पहले एक स्थान पर दफनाने के बाद पुनः दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दोबारा दफनाया गया था।
यह संपूर्ण प्रक्रिया विभागीय नियमों, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं निर्धारित कार्यप्रणालियों के विपरीत पाई गई।
घटना की जानकारी प्राप्त होते ही वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए वनरक्षक राजेश्वर वर्मा एवं नरोत्तम पैंकरा को कर्तव्य की उपेक्षा एवं अनुशासनहीनता के लिए निलंबित कर दिया। साथ ही, घटना की विस्तृत जांच के लिए उप वनमंडलाधिकारी कसडोल को निर्देशित किया गया है।
वनमंडलाधिकारी ने क्षेत्रीय अमले को निर्देशित किया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु नियमित निगरानी, त्वरित सूचना आदान-प्रदान एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। साथ ही, सभी परिक्षेत्रों में वन्यजीव गश्ती दलों की जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
