भवानीपुर। क्षेत्र सहित खपरी, रीवाडीह, भरुवाडीह, हरिनभट्ट, सहाड़ा, वटगन, सिसदेवरी, दतरेंगी, गिधपुरी, कुची, जुनवानी, सुंदरी, सुंदरावन, ओडान और सेमरिया गांवों में शुक्रवार को महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ वट सावित्री व्रत रखा। महिलाओं ने पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए बरगद वृक्ष की पूजा-अर्चना की।
सुबह से ही महिलाएं पूजा सामग्री लेकर बरगद वृक्ष के पास पहुंचीं। फूल-माला, अक्षत, मिठाई, फल और रक्षा सूत्र अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की गई। महिलाओं ने वृक्ष की परिक्रमा करते हुए परिवार और गांव की खुशहाली की कामना की।
पंडित उमाशंकर तिवारी एवं पुष्पा तिवारी ने वट सावित्री व्रत की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरगद के वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। इसी कारण इस दिन बरगद की पूजा का विशेष महत्व है।
कथा के दौरान सावित्री और सत्यवान की पौराणिक गाथा का वर्णन किया गया। बताया गया कि सावित्री ने अपने पतिव्रता धर्म और अटूट प्रेम के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत करती हैं।
इस अवसर पर प्रीति झा, खुशबू चंद्राकर, तनु चंद्राकर, भुनेश्वरी शर्मा, मिनी कंचन, रोमा, ममता, सिमरन चंद्राकर, सरिता, पूजा, मोनिका चंद्राकर, कल्पना साहू, पल्लवी साहू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।