बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की अनूठी पहल: ‘न्याय संहिता कैंपेन’ के जरिए स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को नए कानूनों के प्रति किया जागरूक
बलौदाबाजार-भाटापारा। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के गौरवशाली अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पुलिस द्वारा एक विशेष और वृहद आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन में जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में ‘न्याय संहिता कैंपेन’ का आयोजन कर आम नागरिकों, महिलाओं और युवा पीढ़ी को नए कानूनों तथा सुरक्षात्मक उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
इस विशेष अभियान के तहत पुलिस टीमों ने सीधे जनता और विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया। इसके तहत:
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थाना हथंबद की टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, केसला में कार्यक्रम आयोजित किया।
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चौकी करहीबाजार की टीम ने हाई स्कूल करहीबाजार में छात्र-छात्राओं के बीच पहुँचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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थाना गिधौरी की टीम द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, टुण्डरा में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
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थाना कसडोल की टीम ने ग्राम कोट में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संपर्क साधा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और बच्चों को विस्तार से बताया कि देश की नई कानून व्यवस्था (भारतीय न्याय संहिता – BNS, BNSS, BSA) अब नागरिकों को “दंड” देने के बजाय “न्याय” देने की भावना पर आधारित है। डिजिटल और त्वरित न्याय प्रक्रिया के तहत निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में जानकारी दी गई:
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ई-एफआईआर (E-FIR): अब कोई भी नागरिक बिना थाने जाए ऑनलाइन माध्यम से भी एफआईआर दर्ज करा सकता है।
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जीरो एफआईआर (Zero FIR): अपराध चाहे किसी भी क्षेत्र में हुआ हो, पीड़ित किसी भी नजदीकी थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है, जिसे बाद में संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता: महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही पीड़िता के बयान को वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए सुरक्षित करने की व्यवस्था की गई है।
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तय समय सीमा में न्याय: नए कानून के तहत जांच, चार्जशीट दाखिल करने और अदालत द्वारा फैसला सुनाने के लिए सख्त समय-सीमा तय की गई है, जिससे पीड़ितों को न्याय के लिए सालों-साल चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
वर्तमान समय की बढ़ती डिजिटल चुनौतियों को देखते हुए पुलिस विभाग द्वारा उपस्थित जनसमूह को साइबर अपराधों (जैसे ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग) से बचने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। इसके साथ ही, समाज को खोखला कर रही नशे की लत के खिलाफ आवाज उठाते हुए पुलिस टीम ने सभी को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग किया।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की इस ज्ञानवर्धक मुहिम को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, ग्रामीणों और बच्चों का भरपूर सहयोग मिला तथा सभी वर्गों द्वारा इस पहल की सराहना की गई।