
वैज्ञानिक सर्वे, डेटा संग्रहण एवं संरक्षण तकनीकों पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
बलौदाबाजार। 23 जनवरी 2026 बलौदाबाजार वनमंडल क्षेत्र में स्थित जलाशयों एवं आर्द्रभूमियों के संरक्षण, उनके वैज्ञानिक प्रबंधन तथा सटीक डेटा संग्रहण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यशाला में प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) प्रखर नायक, सुश्री श्वेता सिंह, समस्त प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल, विभिन्न परिक्षेत्रों से आए वन अधिकारी, मैदानी कर्मचारी एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ अजय मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आर्द्रभूमियों की पारिस्थितिकी, उनके स्वास्थ्य आकलन की प्रक्रिया, वैज्ञानिक सर्वेक्षण विधियां तथा आधुनिक उपकरणों के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से प्राप्त सटीक डेटा संरक्षण योजनाओं को अधिक प्रभावी एवं दीर्घकालिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ फील्ड में ले जाकर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। इससे प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की सूक्ष्म तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा उठाई गई तकनीकी शंकाओं का समाधान करते हुए सर्वेक्षण कार्य को अधिक सटीक एवं प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि आर्द्रभूमियाँ केवल जल संचयन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे स्थानीय जैव विविधता, पर्यावरण संतुलन एवं जलवायु नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इनके संरक्षण एवं नियमित निगरानी के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों से सर्वेक्षण एवं रिकॉर्डिंग अत्यंत आवश्यक है, जिससे भविष्य की संरक्षण योजनाओं को बेहतर दिशा मिल सके।