बसना/महासमुंद। महासमुंद जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बसना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पहले 215 किलो गांजा के साथ पकड़े गए अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने मध्य प्रदेश के सतना से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, 10 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पदमपुर (ओडिशा) से बसना की ओर आ रही पांच मोटरसाइकिलों की घेराबंदी कर पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए मोटरसाइकिलों की पिछली सीट पर लोहे का विशेष कम्पार्टमेंट बनवाया था, जिसमें कुल 215 किलो गांजा छिपाकर रखा गया था। इसके ऊपर चारों ओर कपड़े बांध दिए गए थे, ताकि वे फेरीवाले (स्ट्रीट वेंडर) नजर आएं।
मामले की जांच के दौरान आरोपियों के मेमोरेंडम, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल डेटा के गहन विश्लेषण से पुलिस को अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन अशोक सिंह नामक व्यक्ति कर रहा था। वह मुख्य सप्लायर किशन के साथ मिलकर मोबाइल के माध्यम से गांजा की खेप की पायलटिंग कर रहा था। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि ओडिशा के बालिगुड़ा स्थित तस्करों को अग्रिम भुगतान और अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए उसने अपनी पत्नी पूजा के बैंक खाते का उपयोग किया था।
तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर बसना पुलिस की विशेष टीम को मध्य प्रदेश भेजा गया। टीम ने 10 जुलाई 2026 को सतना के कोतवाली थाना क्षेत्र से मुख्य आरोपी अशोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
पुलिस ने सतना न्यायालय से 13 जुलाई 2026 तक का ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आरोपी को बसना लाया है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
बसना पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।