खेत में काम करने के दौरान नागेश कुमार पूरेना को जहरीले सर्प ने डसा, मेडिकल संचालक कुशल कुमार साहू ने बाइक से तत्काल पहुंचाया शासकीय अस्पताल पलारी
पलारी। संकट की घड़ी में समय पर मिली मदद किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकती है। ऐसा ही एक मामला पलारी क्षेत्र में सामने आया, जहां खेत में काम करने के दौरान जहरीले सर्प के डसने से घायल हुए कुसमी निवासी नागेश कुमार पूरेना को कनकी परसदा निवासी मेडिकल संचालक कुशल कुमार साहू ने तत्काल अस्पताल पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागेश कुमार पूरेना खेत में काम करने गए थे। इसी दौरान उन्हें जहरीले सर्प ने डस लिया। सर्पदंश के तत्काल बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे कुशल कुमार साहू की नजर नागेश पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा और तत्काल अपनी बाइक से नागेश को शासकीय अस्पताल पलारी पहुंचाया।
सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कुशल कुमार की तत्परता ने नागेश को समय पर चिकित्सकीय सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संकट के उस समय जब पीड़ित को तत्काल मदद की जरूरत थी, कुशल कुमार ने बिना किसी स्वार्थ के आगे बढ़कर अपना फर्ज निभाया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद नागेश कुमार के चाचा चेतन पूरेना भी तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में नागेश को उपचार लेते हुए देखा और इस कठिन समय में मदद करने वाले कुशल कुमार साहू का आभार जताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। परिवार की ओर से कुशल कुमार की इस संवेदनशील पहल की सराहना की गई।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि इंसानियत किसी पहचान या रिश्ते की मोहताज नहीं होती। मुसीबत में किसी अनजान व्यक्ति के लिए आगे बढ़कर मदद करना ही सच्ची मानवता है। नागेश के लिए उस वक्त कुशल कुमार साहू किसी परिचित से कम नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में भगवान से बढ़कर मददगार साबित हुए।
सर्पदंश के प्रति जागरूकता जरूरी
ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में लोगों को घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत है। झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चलते उपचार में देरी करना जानलेवा साबित हो सकता है। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
कुशल कुमार साहू की तत्परता ने न केवल एक पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि संकट के समय उठाया गया एक सही कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम साबित हो सकता है
यह घटना क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणादायक है और एक बात साफ तौर पर कहती है—मुसीबत में किसी जरूरतमंद के लिए बढ़ाया गया मदद का हाथ ही इंसानियत की सबसे बड़ी पहचान है