
रिपोर्टर टेकराम कोसले
कोरबा (सुघर गांव)। ग्राम पंचायत भैसमा, विकासखंड करतला, जिला कोरबा स्थित शासकीय आयुर्वेद औषधालय भैसमा से राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी औषधालय केंद्र में ताला लगाकर चले गए, जबकि परिसर में राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित व्यवस्थाओं में भी लापरवाही दिखाई दी। इस घटना को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है।
भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेश यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक तथा शासकीय संस्थान की जिम्मेदारी है। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि राष्ट्रीय ध्वज को निर्धारित नियमों के विपरीत लगाया गया, रखा गया अथवा उसके सम्मान के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
राजेश यादव ने कहा कि शासकीय संस्थान में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने जिला कलेक्टर कोरबा एवं संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से तत्काल मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि राष्ट्रीय ध्वज की वर्तमान स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है। यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी शासकीय संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
राजेश यादव ने कहा, “राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, बलिदान और सम्मान का प्रतीक है। इसकी गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कर दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई करें।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर कई स्थानों पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं, जबकि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उससे जुड़े नियमों के पालन पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई देती। नागरिकों ने मांग की है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सभी सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में नियमित निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
मामले को लेकर अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि जांच में लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।