कोरबा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय हरदी बाजार में शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की विधिवत बैठक और चर्चा के बिना विद्यालय से संबंधित विभिन्न सूचनाएं एवं निर्णय जारी किए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर समिति के सदस्यों ने सवाल उठाते हुए विद्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
समिति सदस्यों का कहना है कि विद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने से पहले शाला प्रबंधन एवं विकास समिति को विश्वास में लेना जरूरी है। विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों की सुविधाओं, शैक्षणिक व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित निर्णय सामूहिक चर्चा के बाद लिए जाने चाहिए, ताकि सभी पक्षों की राय सामने आ सके।
बिना बैठक के निर्णय जारी करने पर जताई आपत्ति
समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण सूचनाएं और निर्णय समिति की विधिवत बैठक आयोजित किए बिना ही जारी कर दिए गए। सदस्यों का कहना है कि यदि समिति का गठन विद्यालय की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों में सहभागिता के उद्देश्य से किया गया है, तो उसके सदस्यों से चर्चा किए बिना महत्वपूर्ण निर्णय लेना उचित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
सदस्यों ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में विद्यालय से संबंधित निर्णयों में पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता का होना आवश्यक है।
विद्यार्थियों के हित में सामूहिक चर्चा जरूरी
समिति सदस्यों के अनुसार विद्यालय में किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेने से पहले बैठक आयोजित कर सभी सदस्यों के विचार लिए जाने चाहिए। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और भविष्य में किसी तरह की गलतफहमी की स्थिति भी नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हित, विद्यालय के विकास और शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समिति और विद्यालय प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। यदि महत्वपूर्ण विषयों पर पहले से चर्चा की जाए तो समस्याओं का समाधान भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
मामले को लेकर समिति सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों से संज्ञान लेने और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। सदस्यों ने आग्रह किया है कि भविष्य में विद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय एवं सूचनाएं शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की विधिवत बैठक आयोजित करने तथा सदस्यों से चर्चा के बाद ही जारी की जाएं।
समिति सदस्यों का कहना है कि विद्यालयीन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामूहिक निर्णय की भावना बनाए रखना विद्यार्थियों के हित में बेहद जरूरी है। समिति को विश्वास में लेकर निर्णय लिए जाने से विद्यालय प्रबंधन, समिति और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकता है।
अब प्रबंधन और शिक्षा विभाग के रुख पर नजर
समिति सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय हरदी बाजार प्रबंधन और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं। समिति की आपत्तियों पर अधिकारियों की ओर से क्या स्पष्टीकरण या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।