बलौदाबाजार पुलिस की सशक्त पैरवी: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की कड़ी सजा

BIRENDRA KUMAR SEN

June 18, 2026

बलौदाबाजार पुलिस की सशक्त पैरवी: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की कड़ी सजाI

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ की बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की तत्परता और वैज्ञानिक विवेचना के चलते न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), बलौदाबाजार के पीठासीन अधिकारी श्री गिर्जेश प्रताप सिंह ने आरोपी वासिफ आलम उर्फ आतिफ (20 वर्ष, निवासी मुजफ्फरपुर, बिहार) को विभिन्न गंभीर धाराओं में दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

​मामला पलारी थाने का है, जहां 8 मार्च 2025 को एक नाबालिग लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तत्काल गुम इंसान दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पता चला कि संदेही दिल्ली के नांगलोई में है। बलौदाबाजार पुलिस की टीम ने तुरंत दिल्ली रवाना होकर 14 मार्च 2025 को अमर कॉलोनी (नांगलोई) से आरोपी वासिफ आलम को गिरफ्तार किया और नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद किया।

​वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विवेचना अधिकारी सुश्री अपूर्वा क्षत्रिय (SDOP बलौदाबाजार) एवं प्रधान आरक्षक अरशद खान (तत्कालीन थाना पलारी) द्वारा मामले की वैज्ञानिक व उत्कृष्ट विवेचना की गई। महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता के बयान दर्ज कराए जाने पर खुलासा हुआ कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता को दिल्ली ले जाकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया था। इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ी गईं और समय सीमा के भीतर कोर्ट में अकाट्य साक्ष्य पेश किए गए।

​विशेष लोक अभियोजक श्रीमती निशा शर्मा की प्रभावी पैरवी और पुलिस द्वारा जुटाए गए चिकित्सकीय व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को निम्नलिखित सजा सुनाई:

  • धारा 04(2) एवं धारा 06 (पॉक्सो एक्ट, 2012): 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹2,000-₹2,000 अर्थदंड।
  • धारा 87 (BNS): 07 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1,000 अर्थदंड।
  • धारा 137(2) (BNS): 05 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1,000 अर्थदंड।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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