दो वर्षों में स्मारक, युवा प्रशिक्षण केंद्र, महिला कौशल विकास, स्मार्ट शिक्षा, पेयजल, हाट-बाजार और ग्राम सेवा केंद्र जैसी सुविधाओं से आदर्श ग्राम बनने की ओर बढ़ा सोनाखान
सोनाखान। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम छत्तीसगढ़ी वीर सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति व विचारधारा को जीवित रखने के उद्देश्य से एसबीआई फाउंडेशन के “एसबीआई सम्मान — राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि” कार्यक्रम के तहत ग्राम सोनाखान में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में स्मारक निर्माण से लेकर शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे तक कई परियोजनाओं का श्रृंखलाबद्ध कार्य पूरा हुआ है।
परियोजना के अंतर्गत शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक का निर्माण कर उनकी जीवनी एवं गौरवगाथा को उद्यान में प्रदर्शित किया गया है। इस उद्यान में प्रति माह तीन हजार से अधिक पर्यटक आते हैं और वे न केवल प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हैं, बल्कि शहीद के जीवन एवं आदर्शों से भी परिचित होते हैं।
युवा प्रशिक्षण केंद्र से रोजगार व भर्ती सफलताएँ
“शहीद वीर नारायण सिंह युवा प्रशिक्षण केंद्र” के माध्यम से आसपास के 10 गांवों के 180 से अधिक युवाओं ने पंजीयन कर प्रशिक्षण लिया है। केंद्र में शारीरिक तथा शैक्षणिक प्रशिक्षण देकर युवा पुलिस, वनरक्षक और अन्य सुरक्षा सेवाओं की परीक्षाओं के लिए तैयार किए जा रहे हैं। अब तक 16 युवाओं ने पुलिस की शारीरिक परीक्षा, 7 ने वनरक्षक की शारीरिक परीक्षा पास की है; 2 युवाओं की पुलिस में नियुक्ति भी हुई है। 2 युवाओं ने शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल की है। इसी के साथ 12 बच्चों ने खो-खो एवं एथलेटिक्स में ब्लॉक, जिला तथा संभाग स्तर पर पदक जीते हैं। केंद्र से 10 से अधिक युवाओं ने कंप्यूटर प्रशिक्षण ग्रहण कर स्वरोज़गार अपनाया है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ
ग्राम के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर प्रशिक्षण और जल व स्वच्छता युक्त बालिका हितैषी वातावरण विकसित किया गया है, जिससे 350 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। विज्ञान प्रयोगशाला के माध्यम से 210 विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों और एक आश्रम शाला में पेयजल, स्वच्छता और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराए जाने से 240 बच्चों को सीधे लाभ मिला है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए उप-स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरण व स्वच्छता सुविधाओं का नवीनीकरण किया गया है।
महिला सशक्तिकरण हेतु प्रेरणा सेंटर
महिला सशक्तिकरण व नेतृत्व विकास के उद्देश्य से स्थापित ‘प्रेरणा सेंटर’ में सिलाई, कंप्यूटर और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 150 से अधिक महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया है; इनमें से 30 से अधिक महिलाएं प्रतिमाह 8,000 रुपये से अधिक की आय कमा रही हैं। सेंटर पर महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा, पेयजल व स्वास्थ्य पर नियमित संवाद भी आयोजित किए जाते हैं।
बुनियादी सुविधाएँ और पर्यावरण प्रबंधन
ग्राम में आरओ प्लांट स्थापित कर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका संचालन स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाता है। प्रतिदिन लगभग 50–60 परिवार इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। 36 से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना से रात में आवागमन सुरक्षित हुआ है। ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई है; सार्वजनिक शौचालयों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
हाट-बाजार और ग्राम सेवा केंद्र
नव विकसित हाट-बाजार में 30–35 दुकानें नियमित रूप से लगती हैं और प्रत्येक बाजार दिवस पर लगभग 1,000 लोग आते हैं। बाजार के माध्यम से स्थानीय व बाहरी अनाज का क्रय-विक्रय सुगम हुआ है। ग्राम सेवा केंद्र के जरिए पिछले दो वर्षों में आसपास के 10–15 गांवों के 3,000 से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है; इस केंद्र ने श्रमिक पंजीयन, छात्रवृत्ति व प्रसूति सहायता जैसी सुविधाओं में ग्रामीणों की सहायता की है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और परियोजना का महत्व
परियोजना का संचालन एसबीआई फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग एवं समर्थन सेंटर फॉर डेवलपमेंट सपोर्ट के समन्वय में पंचायत प्रतिनिधियों, सामुदायिक संगठनों एवं स्थानीय समितियों की भागीदारी से किया जा रहा है। ग्रामीण लोगों का मानना है कि यह पहल शहीद वीर नारायण सिंह के समाज परिवर्तन एवं कल्याणकारी राज्य के आदर्शों को साकार करने की दिशा में सार्थक कदम है और आसपास के अन्य गांव भी भविष्य में समान विकास की उम्मीद करते हैं।
पत्रकारवार टिप्पणी: सोनाखान जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर व राज्य मुख्यालय से लगभग 140 किलोमीटर दूर स्थित एक आदिवासी क्षेत्र है, जहाँ प्रशिक्षण व बुनियादी सुविधाओं की कमी रहती थी। ऐसे में स्थानीय स्तर पर आयोजित ये परियोजनाएँ युवाओं, महिलाओं और बच्चों के लिए दीर्घकालिक लाभ और अवसर सृजित कर रही हैं।