बलौदाबाजार। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव का जूनियर अधिवक्ताओं ने शॉल, श्रीफल, गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, समाजसेवियों, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने कहा कि सतीश चंद्र श्रीवास्तव ने वर्षों तक अपनी निष्ठा, ईमानदारी और विधिक अनुभव से न सिर्फ न्यायालय में बल्कि समाज में भी एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में तैयार कई जूनियर अधिवक्ता आज जिले और प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सम्मान के बाद श्रीवास्तव ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता का ज्ञान केवल आजीविका तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य समाज को न्याय दिलाना और जनसेवा करना भी होना चाहिए।
समारोह के अंत में सभी ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।